ईरान और इस्राइल के बीच संघर्ष विराम के बाद बुधवार को 2025 के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ भारतीय बाजार। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 फीसदी की तेजी आई।
बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 1.59 प्रतिशत तथा मिडकैप सूचकांक में 0.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में टेक (1.69 प्रतिशत), बीएसई फोकस्ड आईटी (1.69 प्रतिशत), आईटी (1.68 प्रतिशत), दूरसंचार (1.42 प्रतिशत), उपभोक्ता विवेकाधीन (1.26 प्रतिशत), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (1.26 प्रतिशत) और स्वास्थ्य सेवा (1.11 प्रतिशत) में तेजी रही। इसके विपरीत, पूंजीगत सामान और तेल एवं गैस क्षेत्र में गिरावट रही। बीएसई में 2,821 शेयरों में तेजी रही, 1,207 में गिरावट आई और 134 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय शेयर बाजारों में सुधार हुआ है। विदेशी निवेशकों ने पूंजी निकालना जारी रखा, लेकिन सकारात्मक वैश्विक संकेतों से घरेलू बाजार की गति को बनाए रखने में मदद मिल रही है। घरेलू स्तर पर, अनुकूल मानसून पूर्वानुमान और मुद्रास्फीति में नरमी से आशावाद को और बल मिल रहा है।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और भारती एयरटेल प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी ओर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक पिछड़ गए।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। मध्य सत्र में यूरोपीय बाजार मिश्रित रुख पर कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी बाजार काफी तेजी के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.21 प्रतिशत बढ़कर 67.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 5,266.01 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,209.60 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। मंगलवार को सेंसेक्स 158.32 अंक या 0.19 प्रतिशत चढ़कर 82,055.11 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 72.45 अंक या 0.29 प्रतिशत चढ़कर 25,044.35 पर बंद हुआ।