अमेरिकी टैरिफ के खतरों, कमजोर एशियाई बाजारों और विदेशी फंडों के निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित होने के कारण बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गुरुवार को तीसरे दिन भी के साथ बंद हुए। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 203.22 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 75,735.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 476.17 अंक या 0.62 प्रतिशत गिरकर 75,463.01 अंक पर आ गया था। एनएसई निफ्टी 19.75 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 22,913.15 पर आ गया। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली से भी प्रमुख सूचकांक नीचे आए।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचडीएफसी बैंक, मारुति, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और इंडसइंड बैंक लाभ में रहे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने एक दिन की राहत के बाद बुधवार को 1,881.30 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार अधिकतर तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.08 प्रतिशत बढ़कर 76.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बुधवार को सेंसेक्स 28.21 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 75,939.18 पर बंद हुआ। निफ्टी 12.40 अंक या 0.05 प्रतिशत गिरकर 22,932.90 पर बंद हुआ।
दूसरी ओर, विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा के कमजोर होने से गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 33 पैसे मजबूत होकर 86.65 (अनंतिम) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में नरम रुख के बीच डॉलर/रुपये की विनिमय दर में नकारात्मक रुझान है तथा विदेशी पूंजी का निरंतर बहिर्गमन निवेशकों की भावनाओं पर असर डाल रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.88 पर खुला और इंट्राडे के दौरान डॉलर के मुकाबले 86.58 के उच्चतम स्तर और 86.88 के न्यूनतम स्तर को छुआ। सत्र के अंत में यह डॉलर के मुकाबले 86.65 (अनंतिम) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद से 33 पैसे की बढ़त दर्शाता है। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे कमजोर होकर 86.98 पर बंद हुआ। बुधवार को 'छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती' के अवसर पर विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, "पिछले पांच दिनों तक सीमित दायरे में रहने के बाद भारतीय रुपये में मजबूती आई है। विदेशी बैंकों की डॉलर बिकवाली और बाजार के खिलाड़ियों द्वारा लगातार लंबी पोजीशन समाप्त करने से रुपये में यह तेजी आई है।"