घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लाल निशान पर क्लोजिंग हुई। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 28.21 अंक गिरकर 75,939.18 पर पहुंच गया। दूसर ओर, निफ्टी 12.40 अंक गिरकर 22,932.90 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंफोसिस में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टेक महिंद्रा भी पिछड़ गए। लाभ कमाने वाले शेयरों में ज़ोमैटो का शेयर करीब 5 प्रतिशत चढ़ा। लार्सन एंड टूब्रो, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "एफआईआई प्रवाह में उलटफेर ने बाजार की गतिशीलता को प्रभावित किया है; हालांकि, इस प्रवृत्ति का स्थायित्व अनिश्चित बना हुआ है। अमेरिकी टैरिफ और ब्याज दरों में कटौती में देरी की चिंताओं के बावजूद, बाजार की धारणा भारत की तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के बारे में आशावादी बनी हुई है।"
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, "एफआईआई की बढ़ती बिकवाली, रुपये में गिरावट और चल रहे टैरिफ युद्ध को लेकर अनिश्चितता के बावजूद बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, धातु जैसे हाल में पिटे क्षेत्रों के शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी हुई।"
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को लगातार बिकवाली के बाद खरीदारी की। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 4,786.56 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 2.41 प्रतिशत तथा मिडकैप सूचकांक 1.30 प्रतिशत चढ़ा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "बाजार अस्थिर रहा और लगभग अपरिवर्तित बंद हुआ, जिससे मौजूदा समेकन चरण जारी रहा। सूचकांक में जारी अनिर्णय की स्थिति प्रतिभागियों को चिंतित कर रही है।" वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.65 प्रतिशत बढ़कर 76.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। मंगलवार को दिनभर की सुस्ती के बाद सेंसेक्स 29.47 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 75,967.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 14.20 अंक या 0.06 प्रतिशत गिरकर 22,945.30 पर बंद हुआ था।