घरेलू शेयर बाजार मजबूत शुरुआत के बावजूद गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दिखी। बाजार में यह कमजोरी अमेरिका में गैर कृषि रोजगार के आंकड़े आने से पहले दिखी है। ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व का फैसला बहुत हद तक इन आंकड़ों से ही प्रभावित होगा।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन सेंसेक्स 151.48 (0.18%) अंकों की गिरावट के साथ 82,201.16 पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 53.61 (0.21%) अंक कमजोर होकर 25,145.10 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में रिलायंस और टाटा मोटर्स सबसे अधिक गिरावट वाले शेयर रहे। वहीं, नेस्ले इंडिया, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, टाइटन, आईटीसी, इंफोसिस, एचसीएलटेक और टाटा स्टील के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते हुए बंद हुए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट के बीच कंपनी ने गुरुवार को बताया के उसके बोर्ड ने 1:1 के अनुसात में बोनस शेयर जारी करने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक शेयरों की बात करें तो जेपी मॉर्गन की ओर से टार्गेट प्राइस 208 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये करने के बाद जोमैटो के शेयर 5% तक उछले।
व्यापक बाजार की बात करें तो स्मॉल और मिडकैप इंडेक्स में 1% से 0.4% तक की बढ़त दिखी और ये अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंचे। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों में 2250 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, 1680 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 107 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा टाटा मोटर्स, नेस्ले, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, जेएसडब्ल्यू स्टील और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नीचे आए। इसके उलट लाभ में रहने वाले शेयरों में टाइटन, आईटीसी, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा स्टील और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं।
छोटी कंपनियों के शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा जबकि मझोली कंपनियों से जुड़ा सूचकांक 0.27 प्रतिशत मजबूत हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘वैश्विक शेयर बाजारों में रुख हल्का रहा। कारोबारियों को अमेरिका में जारी होने वाले आंकड़े की प्रतीक्षा है। इससे वहां की अर्थव्यवस्था और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर रुख को लेकर स्थिति कुछ साफ होने की उम्मीद है।’’
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका तथा चीनी अर्थव्यवस्था में नरमी को लेकर चिंता से मानक सूचकांकों में हल्की गिरावट रही। बाजार को अब फेडरल रिजर्व के रुख का इंतजार है...।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट लाभ में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 975.46 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.14 प्रतिशत चढ़कर 73.53 डॉलर प्रति बैरल रहा। सेंसेक्स बुधवार को 202.80 अंक नुकसान में रहा था जबकि निफ्टी में 81.15 अंक की गिरावट आई थी।