Sensex Closing Bell: वैश्विक बाजार में कमजोरी के बावजूद शुक्रवार को पूरे सत्र में सेंसेक्स हरे निशान में रहा। सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की उम्मीदों के बीच अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स, डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई।
वैश्विक बाजार के सतर्क माहौल के बावजूद घरेलू शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुक्रवार को लगातार छठे सत्र में बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। इन छह सत्रों के दौरान, दोनों सूचकांकों में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों को 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का धन लाभ हुआ है।
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वैश्विक बाजार में कमजोरी के बावजूद शुक्रवार को पूरे सत्र में सेंसेक्स हरे निशान में रहा। सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की उम्मीदों के बीच अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स, डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। ब्रिटेन के एफटीएसई, फ्रांस के सीएसी और जर्मनी के डीएएक्स सहित शीर्ष यूरोपीय बाजारों में सेंसेक्स बंद होने के दौरान नुकसान में कारोबार होता दिखा।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 66,381.43 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान 501 अंक की बढ़त के साथ 66,766.92 अंक के उच्चस्तर तक गया। अंत में यह 333 अंकों की या 0.50% की बढ़त के साथ 66,598.91 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 93 अंक या 0.47 चढ़कर 19,819.95 के स्तर पर बंद हुआ।
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देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार अरब डॉलर बढ़ा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक सितंबर को समाप्त सप्ताह में 4.039 अरब डॉलर बढ़कर 598.897 अरब डॉलर हो गया। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार तीन करोड़ डॉलर घटकर 594.858 अरब डॉलर रह गया था। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। केंद्रीय बैंक ने पिछले साल से वैश्विक घटनाक्रमों के कारण उपजे दबाव के बीच रुपये को बचाने के लिए इस भंडार का इस्तेमाल किया। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार एक सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.442 अरब डॉलर बढ़कर 530.691 अरब डॉलर हो गईं। वहीं देश का स्वर्ण भंडार 584 करोड़ डॉलर बढ़कर 44.939 अरब डॉलर हो गया।