भारतीय शेयर बाजार में पिछले सात दिनों से जारी बढ़त गुरुवार को थम गई। आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों में बिकवाली और एशियाई व यूरोपीय शेयर बाजारों में नरम रुख के कारण भी बाजार में गिरावट आई।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 315.06 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 79,801.43 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 391.94 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 79,724.55 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 82.25 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 24,246.70 अंक पर आ गया। पिछले सात कारोबारी दिनों में बीएसई बेंचमार्क सूचकांक 6,269.34 अंक या 8.48 प्रतिशत बढ़ा और निफ्टी 1,929.8 अंक या 8.61 प्रतिशत उछला।
गुरुवार को अदाणी एनर्जी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने इस दौरान अपने मुनाफे में 79% बढ़त के साथ 647 करोड़ होने की जानकारी दी। कंपनी का राजस्व 35% बढ़ा है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) में 4 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी ने 31 मार्च 2025 को समाप्त चौथी तिमाही के दौरान अपना समेकित शुद्ध लाभ 3.35 प्रतिशत गिरकर 2,475 करोड़ रुपये रहने की जानकारी दी।
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नेस्ले इंडिया लिमिटेड ने गुरुवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025 की मार्च तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 6.5 प्रतिशत घटकर 873.46 करोड़ रुपये रह गया। इसका कारण एफएमसीजी उद्योग की ओर से खाद्य महंगाई और शहरी खपत में नरमी का सामना करना है। इंडसइंड बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयरों में लाभ रहा।
जानकारों के अनुसार, "हाल की तेजी के बाद घरेलू बाजार में हल्की मुनाफावसूली देखी गई। इसी तरह, वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया क्योंकि बाजार सहभागियों ने अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ विवादों के शीघ्र समाधान की संभावना को कम कर दिया।"
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। ये जो कमजोर बिक्री और मार्जिन दबाव के कारण प्रभावित हुए। इसके कारण इस क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा।"
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि टोक्यो का निक्केई 225 और शंघाई एसएसई कंपोजिट सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी देखने को मिली। नैस्डैक कंपोजिट में 2.50 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.67 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.07 प्रतिशत की तेजी आई।
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वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत गिरकर 66.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 3,332.93 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी। बुधवार को बीएसई का सूचकांक 520.90 अंक या 0.65 प्रतिशत उछलकर 80,116.49 अंक पर बंद हुआ था, जो 18 दिसंबर के बाद का उच्चतम बंद स्तर है। निफ्टी 161.70 अंक या 0.67 प्रतिशत बढ़कर 24,328.95 अंक पर बंद हुआ था।
दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद गुरुवार को कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में रात भर की गिरावट के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे बढ़कर 85.29 (अनंतिम) पर पहुंच गया।