सऊदी अरामको कंपनी ने समीक्षावधि के लिए 18.75 अरब डॉलर लाभांश देने की घोषणा की है। यह 2020 की पहली तिमाही में किसी भी सूचीबद्ध कंपनी द्वारा दिया गया सबसे अधिक लाभांश है।
सालभर रह सकता है कीमतों पर दबाव
इस संदर्भ में अरामको के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीन नासेर ने कहा कि कच्चे तेल की वैश्विक मांग पर कोरोना वायरस का असर बने रहने की संभावना है। इससे सालभर कंपनी की आय और तेल की कीमतों पर दबाव बना रहने का अनुमान है।
कंपनी में सऊदी अरब सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी
सऊदी अरामको में सऊदी अरब सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी है। सऊदी अरब सरकार ने देश की तेल से आय 2020 की पहली तिमाही में पहले ही सालाना आधार पर करीब चौथाई कम रहने की आशंका जताई थी।
रविवार को ही सऊदी अरामको के पेट्रोलियम मंत्री ने अरामको को तेल उत्पादन में कटौती करने के निर्देश दिए थे। कंपनी से जून में 75 लाख बैरल प्रति दिन की सीमा तक ही कच्चा तेल उत्पादन करने के लिए कहा गया है। पिछले साल अरामको सबसे ज्यादा बाजार पूंजीकरण वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई थी।
दिसंबर में पेश किया था आईपीओ
अरामको दुनिया की सबसे अहम तेल कंपनियों में से एक है और कच्चे तेल की सबसे बड़ी निर्यातक है। अरामको ने दिसंबर में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) पेश किया था। आईपीओ से पैसे जुटाने के मामले में सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। अरामको के बाद चीन की अलीबाबा ने आईपीओ से सबसे ज्यादा पैसे जुटाए हैं।
2018 में कमाया था 111 अरब डॉलर का लाभ
साल 2018 में कंपनी ने 111 अरब डॉलर का लाभ कमाया था। ये एपल और गूगल की कंपनी एल्फाबेट के कुल सालाना लाभ से भी अधिक है। बता दें कि अक्तूबर माह में अरामको के आईपीओ में थोड़ा विलंब हुआ था।