पांच कारणों से मिली उछाल
- -विदेशी निवेश में लगातार इजाफा हो रहा, बृहस्पतिवार को एफपीआई ने 1,483 करोड़ डाले।
- -ओपिनियन पोल में मोदी सरकार की वापसी के संकेतों से निवेशकों का उत्साह चढ़ा है।
- -डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार आ रही मजबूती।
- -फेड रिजर्व के ब्याज दर नहीं बढ़ाने और ब्रेग्जिट की डेडलाइन बढ़ने से राहत मिली।
- -कई बैंकों के पीसीए से बाहर निकलने पर इस सेक्टर में मजबूती आई है।
रुपया भी 69 के करीब पहुंचा
डॉलर के मुकाबले रुपये में पूरे सप्ताह तेजी दिखाई दी और शुक्रवार को यह 69 के करीब पहुंच गया। इस दौरान रुपये में 24 पैसे की तेजी आई और 69.10 के स्तर पर बंद हुआ। यह रुपये का सात महीने का सबसे उच्च स्तर है।
कारोबार के दौरान एक समय रुपया 69.03 तक पहुंच गया था। इस पूरे सप्ताह रुपये में डॉलर के मुकाबले 104 पैसे की तेजी आई है। घरेलू मुद्रा को एफपीआई निवेश के साथ क्रूड ऑयल की कीमतों में स्थिरता का भी लाभ मिला है।
कमजोर मांग से 260 रुपये गिरा सोना
स्थानीय आभूषण निर्माताओं की ओर से सोने की हल्की मांग रहने के कारण शुक्रवार को सराफा बाजार में सोना 260 रुपये गिरकर 33,110 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर रहा। वहीं, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से मांग में कमी आने से चांदी भी 130 रुपये की गिरावट के साथ 39,170 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर रही।
व्यापारियों के अनुसार, स्थानीय आभूषण विक्रेताओं द्वारा लिवाली से सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। हालांकि, विदेश में सकारात्मक रुख ने गिरावट को रोक दिया। न्यूयॉर्क में सोना 1,303.18 डॉलर प्रति औंस और चांदी 15.35 डॉलर प्रति औंस के भाव पर रही।