संकट और बढ़ने की संभावना : डीलरों ने कंपनी और सरकार को कराया अवगत
फोरम ऑफ लाइक माइंडेड स्टेट्स के अनुराग नरायन ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव को बताया है, पूरे देश में एचपीसीएल व बीपीसीएल के स्तर पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में कमी कर दी गई है। देशभर के पेट्रोलियम डीलरों से एडवांस भुगतान की मांग की जा रही है। कारोबार की कार्यप्रणाली में बदलाव को लेकर कोई जानकारी भी साझा नहीं की जा रही है। इससे डीलर्स को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
- उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन ने एचपीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक नार्थ जोन को पत्र लिखा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत कुमार व महासचिव धर्मवीर चौधरी का कहना है कि यूपी में पेट्रोल-डीजल के 7,500 रिटेल आउटलेट हैं।
- आईओसीएल पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल आपूर्ति व भुगतान की तय प्रक्रिया में बदलाव कर समस्या पैदा कर रहा है।
आपूर्ति कराने की मांग
ऑल इंडिया नायरा डीलर्स वेल्फेयर एसोसिएशन ने मंत्री व मंत्रालय के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने पेट्रोल पंप डीलरों की मांग के अनुसार डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति कराने की मांग की है।
सरकार ने माना-मांग बढ़ी लेकिन संकट नहीं
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संकट पर बयान जारी किया है। मंत्रालय ने माना है कि कुछ क्षेत्रों में विशिष्ट स्थानों पर पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जून 2022 की पहली छमाही में 50 प्रतिशत तक वृद्धि की बात कही है। मंत्रालय के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में विशिष्ट स्थानों पर पेट्रोल और डीजल की मांग में इजाफा हुआ है। लेकिन उत्पादन मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
- थोक खरीदारों ने अपनी खरीद को खुदरा दुकानदारों में स्थानांतरित कर दिया है। इसके अलावा अवैध बायोडीजल बिक्री पर सरकार की कार्रवाई का भी असर दिखा है। मंत्रालय ने कहा है, तेल कंपनियां चुनौती से निपटने को तैयार हैं। इसके लिए वे डिपो व टर्मिनलों पर स्टॉक बढ़ाकर, टैंक ट्रकों की आवाजाही बढ़ाकर और डिपो व टर्मिनलों में रात की शिफ्ट में काम करने को तैयार हैं।
हानि-लाभ का समीकरण
अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इस वर्ष मार्च में क्रूड आयल की दर अब तक के उच्चतम स्तर 123.70 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी। महंगाई दर न बढ़े इसलिए सरकार ने करीब दो महीने से कीमतें नहीं बढ़ने दी हैं। बताया जा रहा है कि इससे पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है।