देश के हर कस्बे और गांव में रसोई गैस (एलपीजी) के सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 10 हजार नए वितरकों की नियुक्ति का फैसला किया गया है। इन वितरकों की नियुक्ति में 33 फीसदी हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गाइडलाइन जारी कर दिया है। यही नहीं सरकार ने अगले तीन साल में आठ करोड़ नए एलपीजी कनेक्शन देने का भी लक्ष्य निर्धारित किया है।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को यहां एक कार्यक्रम के दौरान रसोई गैस वितरकों की नियुक्ति के लिए गाइडलाइन की। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि 10 हजार नए एलपीजी वितरकों की नियुक्ति का फैसला हो गया है। इनमें से 2 हजार वितरकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पाइपलाइन में है जबकि शेष 8 हजार वितरकों की नियुक्ति के लिए इस साल के दिसंबर तक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इनमें 33 फीसदी वितरक महिलाएं होंगी।
उन्होंने बताया कि इस बार गैस वितरकों की चार श्रेणी बनाई गई है। पहली श्रेणी शहरी (अरबन) है जिसमें वितरक सिर्फ शहरी क्षेत्र में ही सेवा देंगे। दूसरी श्रेणी ग्रामीण सह शहरी (रूबन) बनायी गई है जिसमें वितरक कस्बों में स्थित होंगे। वे वहां कस्बाई इलाकों में भी सेवा देंगे और ग्रामीण इलाकों में भी सेवा देंगे। तीसरी श्रेणी ग्रामीण (रूरल) वितरकों की होगी जिसके तहत नियुक्त होने वाले वितरक सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र में ही अपनी सेवा देंगे। चौथी श्रेणी नई बनाई गई है, जिसका नाम दुर्गम रखा गया है। दुर्गम श्रेणी में वितरक रेगिस्तानी, पहाड़ी, पठारी या वैसे दुर्गम इलाकों में नियुक्त किये जाएंगे जहां आसानी से पहुंच संभव नहीं है।
उज्ज्वला योजना के लिए टोल फ्री नंबर
प्रधान ने कहा कि वर्ष 2016 को उपभोक्ताओं का वर्ष घोषित किया गया है, इसलिए उपभोक्ताओं के हित में जो भी बन पड़ेगा, कदम उठाए जाएंगे। इसी दिशा में पहले सुरक्षा के लिए 1906 हेल्पलाइन नंबर जारी किया। अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए एक विशेष टोल फ्री नंबर 18002666696 जारी किया गया है जो कि सप्ताह के सातों दिन सुबह सात बजे से रात के 10 बजे तक चालू रहेगा। इस पर फिलहाल हिंदी में जानकारी मिलेगी, बाद में इसमें अंग्रेजी और प्रमुख भरतीय भाषाओं को भी जोड़ा जाएगा।
अगले तीन साल में आठ करोड़ एलपीजी ग्राहक बनेंगे
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि अगले तीन साल में आठ करोड़ नए एलपीजी ग्राहक बनाए जाएंगे। इनमें पांच करोड़ ग्राहक गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले होंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा तीन करोड़ ग्राहक सामान्य वर्ग के जोड़े जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि अभी रसोई गैस के 16.80 करोड़ नियमित गैस लेने वाले (एक्टिव) ग्राहक हैं, जिसे अगले पांच साल में 25 करोड़ तक पहुंचाने की योजना है। इससे न सिर्फ महिलाओं को धुएं से निजात मिलेगी बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होगा।