देश के सबसे बड़े आईपीओ एलआईसी को पहले दिन अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला। शाम तक यह केवल 66 फीसदी ही भर पाया। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा पॉलिसीधारकों का भरा जो 1.95 गुना था। कर्मचारियों का हिस्सा 1.15 गुना भरा। गैर संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) का हिस्सा सबसे कम केवल 27 फीसदी जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 60 फीसदी भरा। इस तरह के कुल 16.20 करोड़ शेयरों की तुलना में 10.75 करोड़ शेयरों के लिए निवेशकों ने बोली लगाई। हालांकि जानकारों का मानना है कि रिजर्व बैंक के दरों को बढ़ाने के फैसले से आईपीओ पर असर दिख सकता है।
रिजर्व बैंक के फैसले का असर होगा
रिजर्व बैक के फैसले से बुधवार को बाजार में भारी गिरावट दिखी। ऐसा अनुमान है कि आगे बाजार में इसका और ज्यादा असर दिख सकता है। पिछले एक महीने शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। इस वजह से निवेशक सावधानी बरत सकते हैं।
शनिवार को भी लगा सकेंगे पैसे
एलआईसी के इश्यू में अब निवेशक शनिवार को भी पैसा लगा सकेंगे। स्टॉक एक्सचेंजों ने बुधवार को इस तरह की जानकारी दी। अमूमन किसी भी आईपीओ में केवल चालू दिन में ही निवेश किया सकता है। पर एलआईसी को कई तरह की पहले भी रियायत मिली है और उसी के तहत यह राहत भी मिल गई है। इस तरह से निवेशकों को कुल पांच दिन पैसा लगाने के लिए मिलेगा।
रविवार को खुली रहेंगी बैंकों की शाखाएं
उधर, आरबीआई ने बैंकों को कहा है कि वे अस्बा आवेदन को जमा करने के लिए रविवार को भी शाखाएं खोले रखें। निवेशक बैंकों में रविवार को आवेदन जमा कर सकेंगे और इसका प्रोसेस सोमवार को होगा। आरबीआई ने कहा कि सरकार ने इस तरह की अपील की थी निवेशकों के लिए रविवार को भी बैंक की शाखाएं खोली जाएं। इसकी समीक्षा की गई और इसके बाद यह फैसला किया गया कि जिन बैंकों की शाखाओं में अस्बा की सुविधा होगी, उन्हें रविवार को चालू रखना होगा।
17 को सूचीबद्ध होंगे शेयर
56 साल पुरानी कंपनी का आईपीओ नौ मई को बंद होगा और 17 मई को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगा। ग्रे मार्केट में यह 80 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है। 902 से 949 रुपये के भाव पर इस शेयर को जारी किया गया है। इससे पहले एंकर निवेशकों के लिए जारी 5,600 करोड़ रुपये का हिस्सा पूरी तरह से भर गया था।