महिलाओं के स्वामित्व वाले कारोबार उद्यम समाज में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और जल्द ही भारतीय स्टार्टअप परिवेश में व्यापक बदलाव लाएंगे। फिलहाल उद्यम पूंजी व निजी इक्विटी कंपनियां महिला स्टार्टअप का समर्थन कर रही हैं।
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि भारतीय स्टार्टअप दुनिया में काम करने के तरीकों में बदलाव ला रहे हैं। अधिक समानता वाले समाज के लिए महिला उद्यमिता प्रमुख माध्यम है।
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उद्योग मंडल फिक्की के महिला संगठन (एफएलओ) के कार्यक्रम में कांत ने कहा कि भारत में इस समय 61,000 से अधिक स्टार्टअप व 81 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) हैं। ये स्टार्टअप खासकर स्वास्थ्य के नए उभरते क्षेत्रों, पोषण और कृषि जैसे क्षेत्रों में दुनिया में काम करने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रहे हैं।
महिलाओं के स्वामित्व वाले कारोबार उद्यम समाज में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और जल्द ही भारतीय स्टार्टअप परिवेश में व्यापक बदलाव लाएंगे। फिलहाल उद्यम पूंजी व निजी इक्विटी कंपनियां महिला स्टार्टअप का समर्थन कर रही हैं।
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भारत में कारोबार व निवेश बढ़ाने के लिए अपार मौके : ऑस्ट्रिया
ऑस्ट्रिया के यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री एलेक्जेंडर शालेनबर्ग ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए अपार कारोबारी अवसर मौजूद हैं।
भारतीय उद्योग परिसंघ के कार्यक्रम में शालेनबर्ग ने कहा, दोनों देशों के बीच व्यापार एक अरब डॉलर पार कर गया है। यह दिखाता है कि भारत में कारोबार-निवेश बढ़ाने की कितनी संभावनाएं हैं।