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2020 में उच्च स्तर पर पहुंचा निफ्टी, मिडकैप सूचकांक का बेहतर रहा प्रदर्शन

Mon, 11 Jan 2021 01:56 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला
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शेयर बाजारों के लिए साल 2020 काफी घटनाक्रमों वाला रहा। कोरोना वायरस महामारी के चलते साल के शुरुआत में जहां शेयर बाजार धड़ाम हुआ था, वहीं अंत में इसने पूरे नुकसान की भरपाई कर ली। मोतीलाल ओसवाल की की रिपोर्ट के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2020 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी साल-दर-साल आधार पर 15 फीसदी उछला। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) प्रवाह और अच्छी कॉर्पोरेट आय से साल 2020 की चौथी तिमाही में सूचकांक में वृद्धि हुई। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह 24 फीसदी बढ़ा। एफआईआई की आमद रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) द्वारा बहिर्वाह भी ताजा उच्च स्तर पर था। 2020  के लिए FII प्रवाह 23.4 अरब डॉ़लर पर था, जो साल 2012 के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि, डीआईआई ने पांच साल के इनफ्लो के बाद अपना पहला आउटफ्लो (4.9 अरब डॉलर) दर्ज किया। कैलेंडर वर्ष 2020 में, मिडकैप इंडेक्स 22 फीसदी ऊपर था। निफ्टी मिडकैप-100 पी/ई अनुपात अब 16 फीसदी प्रीमियम पर है।

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2020 में कैसा रहा वैश्विक बाजार का हाल?
कैलेंडर वर्ष 2020 में कोरिया के बाजार में 31 फीसदी की तेजी आई। इसी तरह ताइवान में 23 फीसदी, अमेरिका में 16 फीसदी, जापान में 16 फीसदी, MSCI EM में 16 फीसदी, भारत में 15 फीसदी, चीन में 14 फीसदी, ब्राजील में तीन फीसदी और रूस में एक फीसदी की तेजी आई यानी ये बाजार स्थानीय मुद्रा के आधार पर ऊंचाई पर बंद हुए। इस दौरान यूके का बाजार 14 फीसदी और इंडोनेशिया का बाजार पांच फीसदी की गिरावट पर बंद हुआ। 

वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में कॉर्पोरेट आय में रिकवरी जारी रहने की संभावना है। MOFSL को EBITDA साल-दर-साल आधार पर 15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में निफ्टी के लिए नौ फीसदी/सात फीसदी  PBT/PAT वृद्धि का अनुमान है। इस दौरान सीमेंट, मेटल्स, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में वृद्धि की उम्मीद है, जबकि कंज्यूमर, बीएफएसआई और ऑटो जगत की आमदनी सपाट रह सकती है। 
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केवल दो सेक्टर्स में गिरावट
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो 2020 में सिर्फ दो सेक्टर्स में गिरावट आई। पीएसयू बैंक ने 20 फीसदी और तेल मे चार फीसदी का नकारात्मक रिटर्न दिया। जबकि अन्य सभी क्षेत्र हरे निशान पर बंद हुए। हेल्थकेयर 61 फीसदी, टेक्नोलॉजी 57 फीसदी और सीमेंट 27 फीसदी के उछाल के साथ शीर्ष पर रहे।

हमें वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में जीडीपी के -1 फीसदी और +1 फीसदी पर रहने की उम्मीद है। भारत के वास्तविक GVA (EAI-GVA) के लिए हमारा इन-हाउस इकोनॉमिक एक्टिविटी इंडेक्स (EAI) लगातार तीसरे महीने बढ़ा है। नवंबर 2020 में साल-दर-साल आधार पर यह 5.2 फीसदी धीमा रहा, लेकिन अक्तूबर 2020 में इसमें छह फीसदी की वृद्धि आई। 

दिग्गज शेयरों का हाल
दिग्गज कंपनियों की बात करें, तो डिविस लैब्स का शेयर 108 फीसदी, डॉ रेड्डी लैब्स 81 फीसदी, इंफोसिस 72 फीसदी, सिप्ला 71 फीसदी, एचसीएल टेक 66 फीसदी, विप्रो 57 फीसदी, एशियन पेंट्स 55 फीसदी, जेएसडब्ल्यू स्टील 43 फीसदी, सल फार्मा 37 फीसदी और टाटा स्टील का शेयर 36 फीसदी उछला और इसके साथ ही इन कंपनियों के शेयर ने निफ्टी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वहीं इंडसइंड बैंक का शेयर 41 फीसदी, कोल इंडिया 36 फीसदी, आईओसीएल 28 फीसदी, ओएनजीसी 28 फीसदी, बीपीसीएल 22 फीसदी, यूपीएल 20 फीसदी, एक्सिस बैंक 18 फीसदी, एसबीआई 18 फीसदी, एनटीपीसी 17 फीसदी और आईटीसी का शेयर 12 फीसदी गिरा। 

कोरोना वायरस महामारी की चुनौतियों के बावजूद कैलेंडर वर्ष 2020 में निफ्टी ने 15 फीसदी रिटर्न दर्ज किया। सितंबर 2020 से सक्रिय कोविड-19 मामलों में 80 फीसदी की कमी से कॉर्पोरेट आय में मजबूती आई, जिसके परिणामस्वरूप वद्धि दर्ज की गई। चूंकि भारत में टीकाकरण 16 जनवरी 2021 से शुरू हो रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि मांग में तेजी से रिकवरी आएगी। साथ ही हम यह भी उम्मीद करते हैं कि सरकार अपने आगामी बजट में विकास को प्राथमिकता देगी। पूर्ववर्ती तीन महीनों में तेज रैली के बाद, अब कॉर्पोरेट आय के लिए उम्मीदों पर खरे उतरना 

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