पिछले दो सत्रों में तेज गिरावट के बाद आज भारत में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक दरों में रिकवरी से भारतीय बाजारों में कीमतों में तेजी आई है। एमसीएक्स पर अक्तूबर का सोना वायदा 0.4 फीसदी ऊपर 52,345 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। जबकि चांदी वायदा 1,000 रुपये बढ़कर 68,579 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले दो सत्रों में सोना कुल 1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम फिसला। जबकि चांदी करीब 1,650 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई। भारत में सोने की कीमतें 56,191 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद कम हुई हैं।
वैश्विक बाजारों में कमजोर अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। मालूम हो कि कमजोर डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए पीली धातु को सस्ता बनाता है। हाजिर सोना 0.4 फीसदी बढ़कर 1,949.83 डॉलर प्रति औंस था। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.6 फीसदी बढ़कर 27.38 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि प्लैटिनम 0.5 फीसदी बढ़कर 922.24 डॉलर हो गया।
अमेरिकी बेरोजगारी के दावे के डाटा के बाद वैश्विक आर्थिक सुधार की आशंकाएं बढ़ गईं हैं। इससे डॉलर इंडेक्स अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले 0.2 फीसदी गिर गया। अमेरिका के श्रम मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में पिछले सप्ताह बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 10 लाख के पार हो गई। नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि वायरस प्रकोप के पांच महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अर्थव्यवस्था कमजोर है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह एक नयी संघीय बेरोजगारी सहायता योजना पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत लोगों को प्रति सप्ताह 300 डॉलर का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकारें अपने स्तर पर योजनाएं चला रही हैं।
विश्लेषकों को उम्मीद है कि निकट अवधि में सोने की कीमतों में कमी आएगी। अमेरिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और अमेरिकी डॉलर के लिए सामान्य कमजोर दृष्टिकोण के बीच मांग बढ़ने की संभावना है।
कोटक सेक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि, 'बढ़ते कोरोना के मामलों ने देशों को आर्थिक सुधार के लिए कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिला। साथ ही यूएस-चीन के बढ़ते तनाव से भी सोने की कीमतों को समर्थन मिला है।'