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Gold Silver Price: तीन दिनों में दूसरी बार सस्ता हुआ सोना वायदा, उच्चतम स्तर से 7000 रुपये नीचे

Tue, 12 Jan 2021 10:31 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गोल्ड सिल्वर की कीमत - फोटो : pixabay
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मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारत में सोने और चांदी की वायदा कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। आज एमसीएक्स पर फरवरी का सोना वायदा 0.03 फीसदी घटकर 49,328 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी वायदा 0.22 फीसदी घटकर 65,414 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। शुक्रवार को आई भारी गिरावट के बाद पिछले सत्र में सोने की कीमत 0.7 फीसदी बढ़ी थी। अगस्त के 56,000 के उच्च स्तर से सोना करीब 7,000 रुपये नीचे है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इतना है दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आज सोने की दरों में बढ़त दर्ज की गई, लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर ने इसे सीमित दायरे में रखा। हाजिर सोना 0.2 फीसदी बढ़कर 1,847.96 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.8 फीसदी बढ़कर 25.11 डॉलर प्रति औंस हो गई। अन्य कीमती धातुओं में प्लैटिनम 2.3 फीसदी बढ़कर 1,055 डॉलर हो गया और पैलेडियम 0.3 फीसदी चढ़कर 2,378 डॉलर हो गया।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन का शपथ ग्रहण समारोह 20 जनवरी को होगा। इस दिन वे पद की शपथ लेंगे। जो बाइडेन गुरुवार को प्रोत्साहन पैकेज की रूपरेखा तैयार करेंगे। कई विश्लेषकों का मानना है कि सोने को निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है क्योंकि प्रोत्साहन मुद्रास्फीति में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने में मदद कर सकता है, जिसके खिलाफ सोने को हेज के रूप में देखा जाता है।
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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक नोट में कहा कि, 'वैश्विक इक्विटी बढ़ रही है और उम्मीद है कि कोविड-19 जल्द ही नियंत्रण में आ सकता है क्योंकि कई देशों ने टीकाकरण शुरू कर दिया है। ऐसे में सोने की सेफ हेवेन मांग और उसका दाम प्रभावित होगा। हालांकि, अमेरिका में ताजा राजकोषीय प्रोत्साहन उपायों और बहु-वर्षीय कमजोर डॉलर धातु को निचले स्तर पर समर्थन दे रहे हैं।'

गोल्ड ईटीएफ में तेजी से बढ़ रहा निवेश
कोरोना वायरस महामारी के कारण छाई आर्थिक मंदी और अमेरिकी डॉलर में सुस्ती से साल 2020 में सुरक्षित निवेश के तौर पर स्वर्ण आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेशकों का आकर्षण बढ़ा। इससे गोल्ड ईटीएफ में 6,657 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। जबकि साल 2019 में स्वर्ण ईटीएफ में सिर्फ 16 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ था। हालांकि, 2019 में लगातार छह साल की शुद्ध निकासी के बाद इसमें शुद्ध खरीदारी हुई थी। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2020 के अंत तक स्वर्ण कोषों के प्रबंधनाधीन कुल संपत्ति साल भर पहले के 5,768 करोड़ रुपये की तुलना में दो गुना से अधिक बढ़कर 14,174 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। 2020 में सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश तथा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले साधनों में से एक बनकर उभरा। 

मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और सरकारों द्वारा राजकोषीय उपायों ने पिछले साल सोने की कीमतों में 25 फीसदी से अधिक की वृद्धि की थी, जबकि चांदी लगभग 50 फीसदी बढ़ गई थी। सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा में आई गिरावट के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है।

निवेशकों के लिए खुली है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना
निवेशक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) योजना के तहत बाजार मूल्य से काफी कम दाम में सोना खरीद सकते हैं। यह योजना सिर्फ पांच दिन के लिए खुली है (11 जनवरी 2021 से 15 जनवरी 2021 तक)। योजना के तहत आप 5,104 रुपये प्रति ग्राम पर सोना खरीद सकते हैं। यानी अगर आप 10 ग्राम सोने खरीदते है तो उसकी कीमत 51,040 रुपये बैठती है और गोल्ड बॉन्ड की खरीद ऑनलाइन तरीके से की जाती है तो सरकार ऐसे निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट देती है। इसमें आवेदनों के लिए भुगतान 'डिजिटल मोड' के माध्यम से किया जाना है। 

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