सोने-चांदी की कीमतों में इस महीने पहली बार गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाव गिरने और डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से कीमतों में नरमी देखने को मिली। मंगलवार को दिल्ली सराफा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 39,213 रुपये पर आ गई है। चांदी में 29 रुपये की गिरावट आई है।
भारत में सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले सितंबर की तिमाही में 32.3 फीसदी घटकर 123.9 टन रह गई। पिछले साल इस अवधि में यह मांग 183.2 टन रही थी। विश्व गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट में ये बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि आर्थिक मंदी और स्थानीय बाजार में ऊंची कीमतों के कारण ऐसा हुआ। चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यही नहीं इस तिमाही में सोने का आयात भी पिछली बार की तुलना में 66 फीसदी की गिरावट के साथ 80.5 टन पर पहुंच गया।
डब्ल्यूजीसी इंडिया के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पीआर के मुताबिक सोने की मांग घटने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में सोने की कीमतों में 20 फीसदी तक हुई बढ़ोतरी और दूसरा, भारत और चीन जैसे प्रमुख देशों में आर्थिक मंदी का दौर जिसने उपभोक्ताओं को प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि जब मांग घटती है तो लोग पुराने सोने को गलाकर दोबारा इस्तेमाल करते हैं। इन नौ महीने में इस तरह के सोने की मात्रा बढ़कर 90.5 टन हो गई, जो पिछले पूरे साल में सिर्फ 87 टन थी।
डब्ल्यूजीसी ने मौजूदा हालात को देखते हुए भारत के कुल सोने की मांग के अनुमान को घटा दिया है। अब यह 2019 में 700 से 750 टन के दायरे में रह सकती है। इससे पहले परिषद ने 750 से 800 टन के दायरे का अनुमान लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में इजाफा हुआ है। तीसरी तिमाही में यह 1107.9 टन पहुंच गया है जो पिछले साल इस अवधि में 1079 टन थी।