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सोने-चांदी की कीमतों में इस महीने में पहली बार आई 101 रुपये की नरमी

Tue, 05 Nov 2019 07:42 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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गहने खरीदती महिला - फोटो : अमर उजाला
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सोने-चांदी की कीमतों में इस महीने पहली बार गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाव गिरने और डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से कीमतों में नरमी देखने को मिली। मंगलवार को दिल्ली सराफा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 39,213 रुपये पर आ गई है। चांदी में 29 रुपये की गिरावट आई है। 

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सोमवार को सोना 39,314 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।  एक किलो चांदी की कीमत 47,583 रुपये हो गई है। गौरतलब है कि सोमवार को चांदी 47,612 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतररष्ट्रीय स्तर की बात करें, तो सोने मंगलवार को न्यूयॉर्क में गिरावट के साथ 1505 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 18.04 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

एचडीएफसी सिक्युरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटी) तपन पटेल के अनुसार,रुपये में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय गोल्ड बाजारों में रिस्क सेंटीमेंट्स के चलते बेचान के कारण सोने की कीमत में गिरावट आई है। पटेल ने कहा, 'यूएस-चीन व्यापार सौदे की प्रोग्रेस को लेकर रिस्क सेंटीमेंट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट आई है।'

भारत में 32 फीसदी घटी सोने की मांग: डब्ल्यूजीसी 

भारत में सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले सितंबर की तिमाही में 32.3 फीसदी घटकर 123.9 टन रह गई। पिछले साल इस अवधि में यह मांग 183.2 टन रही थी। विश्व गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट में ये बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि आर्थिक मंदी और स्थानीय बाजार में ऊंची कीमतों के कारण ऐसा हुआ। चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यही नहीं इस तिमाही में सोने का आयात भी पिछली बार की तुलना में 66 फीसदी की गिरावट के साथ 80.5 टन पर पहुंच गया। 

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रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की कीमतें सितंबर में 39011 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंचीं जो अब 38,800 रुपये है। इस साल सितंबर में समाप्त नौ महीनों में सोने की मांग गिरकर 496.11 टन रह गई जो पिछले साल सितंबर तक 523.9 टन थी। वहीं वर्ष 2018 की कुल मांग 760.4 टन थी। इसी तरह सोने का आयात भी इस वर्ष घटकर 502.9 टन रह गया जो पिछले साल इस अवधि में 587.3 टन था। 2018 में पूरे साल भारत का सोना आयात 755.7 टन रहा था। 

इन दो कारणों से घटी मांग 

डब्ल्यूजीसी इंडिया के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पीआर के मुताबिक सोने की मांग घटने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में सोने की कीमतों में 20 फीसदी तक हुई बढ़ोतरी और दूसरा, भारत और चीन जैसे प्रमुख देशों में आर्थिक मंदी का दौर जिसने उपभोक्ताओं को प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि जब मांग घटती है तो लोग पुराने सोने को गलाकर दोबारा इस्तेमाल करते हैं। इन नौ महीने में इस तरह के सोने की मात्रा बढ़कर 90.5 टन हो गई, जो पिछले पूरे साल में सिर्फ 87 टन थी। 

कुल सोने की मांग का अनुमान घटाया

डब्ल्यूजीसी ने मौजूदा हालात को देखते हुए भारत के कुल सोने की मांग के अनुमान को घटा दिया है। अब यह 2019 में 700 से 750 टन के दायरे में रह सकती है। इससे पहले परिषद ने 750 से 800 टन के दायरे का अनुमान लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में इजाफा हुआ है। तीसरी तिमाही में यह 1107.9 टन पहुंच गया है जो पिछले साल इस अवधि में 1079 टन थी। 

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