अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते के बाद स्टॉकिस्टों की लगातार बिकवाली से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सोना 500 रुपये की गिरावट के साथ 98,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 500 रुपये की गिरावट के साथ 97,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रह गया। वहीं चांदी की कीमत 1,000 रुपये घटकर 1,13,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है।
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99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली पीली बहुमूल्य धातु शनिवार को 600 रुपये की गिरावट के साथ 98,520 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। वहीं शनिवार को सफेद धातु 1,14,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
वैश्विक बाजारों में सोने-चांदी की कीमतें स्थिर
इस बीच, वैश्विक बाजारों में सोना 3,337.95 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 38.17 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर कारोबार कर रही थी।
अमेरिका-ईयू व्यापार समझौता
अमेरिका ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की है। इसमें अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले अधिकांश यूरोपीय सामानों पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाना शामिल है। साथ ही 27 देशों के इस समूह ने अमेरिकी उद्योग में सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। यह समझौता पिछले हफ्ते हुए अमेरिका-जापान व्यापार समझौते जैसा ही है।
डॉलर इंडेक्स में दिखी मजबूती
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि पिछले सप्ताह डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण सोने का कारोबार सकारात्मक लेकिन स्थिर दायरे में 3,335 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा।
आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर
अबान्स फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंतन मेहता ने कहा कि निवेशक इस सप्ताह बेरोजगारी दावों और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों सहित आगामी अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
मजबूत डॉलर ने सोने को कमजोर किया
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के अनुसार, सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हो रहा है क्योंकि निवेशक सतर्क हैं। इसकी वजह व्यापार से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदें और मजबूत अमेरिकी डॉलर है।
टैरिफ चिंताएं कम होने से सुरक्षित निवेश में आई गिरावट
गांधी ने आगे कहा कि टैरिफ संबंधी चिंताओं में कमी के बीच सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की मांग में गिरावट के कारण पिछले हफ्ते सर्राफा की कीमतों में गिरावट आई। इसके अलावा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के साथ तनाव को कम करके अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर बाजार की चिंताओं को कम किया। उन्होंने कहा कि दोनों कारकों ने अमेरिकी डॉलर में वृद्धि में योगदान दिया, जो लगातार तीसरे दिन बढ़ा है और बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।