कमजोर वैश्विक रुख और अमेरिकी टैरिफ की धमकियों के बीच सोने की कीमतों में गिरावट आई। सोमवार को राजधानी दिल्ली में सोने का भाव 550 रुपये घटकर 98,570 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 500 रुपए घटकर 98,100 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। वहीं चांदी की कीमतें लगातार दूसरे सत्र में 1,04,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर अपरिवर्तित रहीं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना हाजिर 38.95 डॉलर या 1.17 प्रतिशत घटकर 3,297.69 डॉलर प्रति औंस रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि डॉलर में सुधार और अमेरिकी रोजगार बाजार के अपेक्षा से अधिक मजबूत आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को घटा दिया। इसकी वजह से सोने में कमजोरी आई। इसके अलावा टैरिफ संबंधी चिंताओं के कम होने से सुरक्षित मांग में कमी आई। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने सप्ताहांत में कहा कि अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने के करीब है। हालांकि टैरिफ 1 अगस्त से लागू होंगे।
पीएल कैपिटल के खुदरा ब्रोकिंग एवं वितरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक संदीप रायचुरा ने कहा कि युद्ध विराम की घोषणाओं के बाद सोने की कीमत में थोड़ी गिरावट आई है। साथ ही हाल के दिनों में अमेरिका में अपेक्षा से अधिक मजबूत आंकड़े भी आए हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंकों द्वारा पीली धातु की खरीद प्रति वर्ष 1,000 टन से अधिक चल रही है और अगले कुछ महीनों में इसमें कमी आने की संभावना नहीं है। इसके अलावा मुद्रास्फीति अभी भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अपेक्षा से अधिक है। इसके बावजूद व्यापारी सोने के प्रति आशावादी बने हुए हैं।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, बुधवार को होने वाली यूएस फेड की बैठक के विवरण से केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति के रुख और निकट भविष्य में बुलियन कीमतों की दिशा के बारे में गहन जानकारी मिल सकती है।