मजबूत वैश्विक रुख के कारण मंगलवार को राजधानी दिल्ली में सोने की कीमत 600 रुपये बढ़कर 1,00,770 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 500 रुपए बढ़कर 1,00,400 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं चांदी की कीमतें 3,000 रुपये की तेजी के साथ 1,18,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है।
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फेड रिजर्व के गवर्नर को हटाने के फैसले का पड़ा असर
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व गवर्नर लिसा कुक को हटाने के फैसले के असर पड़ा। निवेशकों द्वारा पारंपरिक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करने से सोने की कीमतों में तेजी आई। इस फैसले से केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
गांधी ने कहा कि इसके अलावा, राष्ट्रपति ट्रम्प की कार्रवाई ने फेड के नेतृत्व पर ब्याज दरों को शीघ्र कम करने के लिए अतिरिक्त दबाव डाला है। यह एक ऐसा कदम है जो आमतौर पर गैर-उपज वाले सोने को लाभ पहुंचाता है।
वैश्विक स्तर पर गिरे चांदी के दाम
वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.37 प्रतिशत बढ़कर 3,378.37 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं हाजिर चांदी 0.21 प्रतिशत गिरकर 38.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गयी।
कमजोर डॉलर ने सोने के सहारा दिया
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेड गवर्नर लिसा कुक को बर्खास्त करने के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के बीच डॉलर में फिर से कमजोरी आने से हाजिर सोने में तेजी आई।
टैरिफ अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई
अबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ चिंतन मेहता ने कहा कि टैरिफ को लेकर अनिश्चितता से समर्थन में एक और परत जुड़ रही है। 27 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने के ट्रंप के कदम और रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़ते तनाव के कारण व्यापारियों में शांति वार्ता में किसी भी सार्थक प्रगति को लेकर संशय पैदा हो गया है।
निवेशकों की अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर है नजर
इस बीच, केंद्रीय बैंक, खासकर चीन और तुर्की, अपने स्वर्ण भंडार का निर्माण जारी रखे हुए हैं। इससे अतिरिक्त गति मिल रही है। मेहता ने कहा कि निवेशक ब्याज दर चक्र के लिए फेड के अगले कदमों का आकलन करने के लिए बेरोजगारी दावों और जीडीपी संशोधनों सहित प्रमुख अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।