वैश्विक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोना 700 रुपये की तेजी के साथ 76,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली पीली धातु 75,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, चांदी 91,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
स्थानीय बाजारों में व्यापारियों ने बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उछाल का श्रेय त्यौहारों और आगामी शादी-ब्याह के मौसम के कारण आभूषण विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की मांग में आई तेजी को दिया।
दूसरी ओर, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर वायदा कारोबार में अक्तूबर डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध की कीमत 341 रुपये या 0.46 प्रतिशत बढ़कर 73,779 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। एक्सचेंज में दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का भाव 145 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत बढ़कर 90,113 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
बजट में सरकार ने शुल्क को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया। चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कॉमेक्स सोना वायदा 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,632.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सिक्योरिटीज लिमिटेड के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटी रिसर्च) मानव मोदी ने कहा, "अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से मौद्रिक नीति में नरमी की शुरुआत करने से सोने की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, इससे सोना सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।"
एशियाई कारोबारी घंटों में चांदी भी बढ़त के साथ 31.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला ने कहा, "फेड की 50 आधार अंकों की आक्रामक ब्याज दर कटौती के कारण कॉमेक्स पर सोने की कीमतें नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं।"
चैनवाला ने कहा कि डॉलर के कमजोर होने से सोने में तेजी आई, साथ ही मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से लेबनान में हिजबुल्लाह सदस्यों पर हमलों के बाद, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में खरीदारी बढ़ी।