एक बार फिर आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की आधी रात से डीजल की कीमतों में 95 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि, पेट्रोल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। देश की सबसे बड़ी खुदरा ईंधन विक्रेता इंडियन ऑयल ने कहा है कि बृहस्पतिवार की आधी रात से डीजल की कीमतें दिल्ली में अब 45.90 रुपये प्रति लीटर होंगी जो पहले 44.95 रुपये प्रति लीटर थीं।
उल्लेखनीय है कि डीजल की कीमतों में इस महीने की गई यह दूसरी बढ़ोतरी है। पहली अक्टूबर को डीजल की कीमत में प्रति लीटर 50 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।
ये है कीमतें बढ़ने की वजह
विदेशी बाजार में कच्चे तेल कीमतें बढ़ गई हैं, जिसकी वजह से डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 1 अक्टूबर को 46.69 डॉलर प्रति बैरल थी, जो 9 अक्टूबर तक ही बढ़कर 50.38 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
हर महीने की 15 तारीख को तेल कंपनियों की समीक्षा बैठक होती है, जिसके बाद डीजल पेट्रोल में बढ़ोत्तरी या कटौती पर निर्णय लिया जाता है। इस समीक्षा के बाद डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है।
और बढ़ सकती हैं कीमतें
पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत का जो सपना देखा है उसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ऑटोमोबाइल फ्यूल (डीजल, पेट्रोल) और टेलीकॉम सेवाओं पर सेस लगाने की तैयारी कर रही है। ऐसा करने पर इनकी कीमतों में और बढ़ोतरी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों के एक समूह ने बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान के लिए पैसे जमा करने की एक योजना तैयार की है।
इस योजना के तहत जल्द ही सरकार की तरफ से डीजल, पेट्रोल, टेलीकॉम सेवाओं और मिनरल वेस्ट (कोयला, एल्युमिनियम और आयरन ओर से निकलने वाला वेस्ट) पर सेस लगाया जा सकता है, जिससे पैसा जमा किया जा सके।