कोरोनावायरस महामारी के बढ़ते मामले को देखते हुए देश के शेयर बाजारों ने ब्रोकरों को 30 अप्रैल तक घर से काम करने की अनुमति दी है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक शायद यह पहली बार है कि दलालों को घर से काम करने की सुविधा दी गई है। बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) ने अलग-अलग नोटिस में कहा कि ब्रोकरों और कारोबारियों को अधिकृत स्थानों से बाहर टर्मिनल ले जाने की अनुमति दी गई है। इस फैसले से ब्रोकरों को घर से काम करने की सुविधा मिलेगी।
शेयर बाजारों की तरफ से बताया गया है कि घर से काम करनी की सुविधा 30 अप्रैल तक या इससे अधिक समय तक भी जारी रह सकती है। दरअसल कोरोना वायरस महामारी को फैलाव को रोकने के लिए ट्रेडरों और कारोबारियों ने कई उपाए दिए थे, जिनमे वर्क फ्रॉम होम भी शामिल था। इन उपायों को देखते हुए ही शेयर बाजारों ने यह कदम उठाया है।
बीएसई और एनएसई की तरफ से कहा गया है कि शेयर ब्रोकरों को कुछ समय के लिए तय स्थानों के अलावा दूसरी जगह से व्यापारिक टर्मिनलों को संचालित करने की सुविधा दी गई है। हालांकि, इसके लिए दलालों को कुछ दिशानिर्देशों दिए गए हैं, जिसका उन्हें पालन करना होगा।
बीएसई और एनएसई की तरफ से बनाये गए दिशानिर्देशों के तहत शेयर दलालों को किसी भी अनधिकृत व्यापार को रोकने के लिए एक आंतरिक नीति तैयार करनी होगी। इसके बाद मंजूरी प्राप्त उपयोगकर्ताओं की एक सूची शेयर बाजार को देनी होगी। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि टर्मिनल का ब्यौरा, प्रमाणपत्र का विवरण और वैकल्पिक स्थान का पता भी दलालों को देना होगा।
शेयर बाजारों की तरफ से बताया गया है कि, "घर के काम करने को लेकर बनाई गई इस नीति को सीईओ/ नामित निदेशक/ अनुपालन अधिकारी/ भागीदार/ प्रोप्राइटर जैसे उचित अधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।"