कोरोनावायरस इन दिनों दुनियाभर में कहर बन कर टूटा है। अब तक 11,000 से भी ज्यादा लोगों की इससे मौत हो चुकी है। ऐसे में इस महामारी ने भारत के साथ दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। हालांकि, कुछ समय पहले ही Fitch, Moodys और S&P जैसी रेटिंग एजेंसीज ने भारत की GDP ग्रोथ को लेकर भविष्यवाणी की थी। ऐसे में इन एजेंसीज का अनुमान भारत के लिए क्यों खतरे की घंटी है, डालते हैं इस पर एक नजर
Fitch ने घटाई रेटिंग
फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने देश की GDP विकास दर का अनुमान घटा दिया है। रेटिंग एजेंसी ने वित्तवर्ष 2020-21 के लिए GDP ग्रोथ को घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले फिच रेटिंग्स ने दिसंबर 2019 में भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 5.6 फीसदी लगाया था। विकास दर को लेकर घटाई गई रेटिंग का सबसे बड़ा कारण कोरोनावायरस के संक्रमण का फैलना है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि आने वाले हफ्तों में कोरोनावायरस का असर बढ़ सकता है, जिसके चलते अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने का खतरा ज्यादा है। एजेंसी का कहना है कि सप्लाई चेन में आई रुकावट से निवेश और एक्सपोर्ट प्रभावित होगा।
Moody's ने घटाई रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने भी भारत की विकास दर का अनुमान घटाया है। दरअसल वैश्विक मंदी के खतरे से होने वाले प्रभाव को देखते हुए मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 5.4 से घटा कर 5.3 कर दिया है। दरअसल मूडीज ने कोरोना वायरस महामारी के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए एजेंसी ने रेटिंग घटाई है।
S&P ने घटाई रेटिंग
Moody's और Fitch की तरह S&P Global Ratings की रेटिंग भारत के लिए निराश करने वाली है। रेटिंग एजेंसी ने 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.2 फीसद कर दिया है। S&P की तरफ से यह भी कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा रही है। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एजेंसी ने 2020 में भारत के जीडीपी ग्रोथ को 5.7 फीसद की रेटिंग दी थी।