रेस्तरां श्रृंखला श्रृंखला चलाने वाली कंपनी बर्गर किंग इंडिया के आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को निवेशकों का काफी अच्छा समर्थन मिला है। चार दिसंबर को इस आईपीओ का अंतिम दिन था और इस दिन तक उसे तय आकार के 156.65 गुना अभिदान मिला। कंपनी का आईपीओ दो दिसंबर को खुला था।
शेयर बाजार पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पात्र संस्थागत निवेशक श्रेणी में कंपनी के आईपीओ को 86.64 गुना, गैर-संस्थागत श्रेणी में 354.11 गुना और खुदरा निवेशक श्रेणी में 68.14 गुना अभिदान हासिल हआ है। मालूम हो कि आईपीओ खुलने के कुछ ही देर बाद कंपनी को अपने पूरे आईपीओ से अधिक के लिए बोलियां प्राप्त हो गईं थी।
कंपनी ने 810 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 450 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए हैं। इसके लिए कंपनी की प्रवर्तक इकाई क्यूएसआर एशिया प्राइवेट लिमिटेड ने छह प्रतिशत तक की हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश की है। कंपनी ने आईपीओ के लिए कीमत दायरा 59 से 60 रुपये प्रति शेयर रखा था। अधिकतम कीमत के आधार पर क्यूएसआर को छह प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 360 करोड़ रुपये हासिल होंगे।
बर्गर किंग इंडिया ने मंगलवार को एंकर निवेशकों से 364.5 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी देशभर में 268 रेस्तरां का संचालन करती है। इसमें से आठ फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलते हैं जो मुख्यत: हवाईअड्डों पर हैं, बाकी रेस्तरां पर कंपनी का मालिकाना हक है।
इसके लिए होगा धन का इस्तेमाल
इस संदर्भ में बर्गर किंग इंडिया के सीईओ और बोर्ड सदस्य राजीव वर्मा ने बताया कि इस तरह नए शेयरों का निर्गम 600 करोड़ रुपये से घटकर 450 करोड़ रुपये का रह गया। कंपनी ने बताया कि आईपीओ के जरिए जुटाए गए धन का इस्तेमाल मुख्य रूप से पूरे देश में कंपनी के स्वामित्व वाले स्टोर का विस्तार करने और कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। मतलब एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।