बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (MD & CEO) अशीष कुमार चौहान (Ashishkumar Chouhan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें बीएसई (Bombay Stock Exchange) की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। आपको बता दें कि चौहान बीएसई की प्रतिस्पर्धी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में ज्वाइन करने वाले हैं।
अशीष कुमार चौहान एनएसई के फाउंडर सदस्यों में एक थे पर उन्होंने साल 2000 में एनएसई छोड़कर रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ग्रुप ज्वाइन कर लिया था। फिर, साल 2009 में स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) की दुनिया में आए और साल 2009 में बीएसई के डिप्टी सीईओ (Deputy CEO) बने। साल 2012 में उन्होंने बीएसई के सीईओ की जिम्मेदारी संभाली। चौहान के इस्तीफा देने के बाद बीएसई अपने नए चीफ की तलाश में जुट गई है।
उधर बीएसई के बोर्ड ने एक्सचेंक का कार्य अंतरिम रूप से चलाने के लिए एक कार्यकारी प्रबंधन बनाई है जो नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति तक बीएसई का कामकाज देखेगी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने रेग्युलेटरी फाइलिंग के दौरान इस बात की जानकारी दी है।
बीएसई का कामकाम देखने को जो कार्यकारी प्रबंधन कमिटी बनाई गई है उसमें बीएसई के चीफ रेग्युलेटरी ऑफिसर नीरज कुलश्रेष्ठ, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नयन मेहता, चीफ इन्फोर्मेशन ऑफिसर केरसी तेवदिया, चीफ बिजनेस ऑफिसर समीर पाटिल और चीफ ट्रेडिंग ऑपरेशंस एंड लिस्टिंग सेल्स गिरीश जोशी को शामिल किया गया है।
अशीष कुमार चौहान को 25 जुलाई 2022 के प्रभाव से बीएसई की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। आपको बता दें कि चौहान को बीएसई की आमदनी बढ़ाने और विश्व की सबसे तेज एक्सचेंज बनाने के लिए जाना जाता है, जिसका रिस्पॉन्स टाइम पूरी दुनिया में सबसे कम लगभग छह माइक्रोसेकेंड्स है।
भारत में मोबाइल से स्टॉक्स की ट्रेडिंग शुरू करवाने का श्रेय भी अशीषकुमार चौहान को जाता है। उनकी लीडशशिप में ही भारतीय बाजार में करेंसी, कॉमोडिटी, इक्विटी डेरियेटिव, एसएमई, स्टार्टअप्स, म्यूचुअल फंड, बीमा वितरण, स्पॉट मार्कट और पावर ट्रेडिंग को एक नया मुकाम मिला है।