विप्रो की पिछले महीने पूरी हुई पुनर्खरीद की पेशकश के तहत अजीम प्रेमजी और प्रवर्तक समूह की अन्य इकाइयों ने 7,300 करोड़ रुपये में 22.46 करोड़ शेयर बेचे। आईटी कंपनी ने बुधवार को एक नियामकीय फाइलिंग के माध्यम से यह जानकारी दी है।
कंपनी ने किया 10,499.99 करोड़ की धनराशि का इस्तेमाल
विप्रो ने कहा कि 325 रुपये प्रति शेयर की दर से पुनर्खरीद योजना के लिए 32.3 करोड़ शेयर खरीदे गए और इस क्रम में कंपनी ने कुल 10,499.99 करोड़ रुपये की धनराशि का इस्तेमाल किया। अजीम प्रेमजी की साझेदारी वाली जैश ट्रेडर्स ने 6.12 करोड़, उन्हीं की एक अन्य कंपनी प्रजीम ट्रेडर्स ने 6.13 करोड़ और हाशम ट्रेडर्स के 5.02 करोड़ शेयरों को पुनर्खरीद के तहत स्वीकार किया गया।
प्रवर्तक समूह के पास विप्रो की 74.05 फीसदी हिस्सेदारी
कंपनी ने कहा कि अजीम प्रेमजी ट्रस्ट के 4.05 करोड़ और अजीम प्रेमजी के 1.22 करोड़ शेयरों को भी पुनर्खरीद पेशकश के तहत स्वीकार किया गया। पुनर्खरीद के बाद अब प्रवर्तक समूह के पास विप्रो की 74.05 फीसदी हिस्सेदारी है।
30 जुलाई को रिटायर हुए थे अजीम प्रेमजी
देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार विप्रो के संस्थापक और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अजीम प्रेमजी 30 जुलाई को रिटायर हो गए थे। अजीम प्रेमजी के बाद यह पद उनके बेटे रिशद प्रेमजी को मिला है। 42 वर्षीय रिशद ने अब तक कई बार अपनी क्षमताएं साबित की है।
और बेहतर होगा विप्रो का भविष्य
अपनी आखिरी एजीएम में अजीम प्रेमजी ने विप्रो के भविष्य पर कहा था कि कंपनी की स्ट्रैटेजी को सफल बनाने के लिए हम प्रमुख रूप से चार क्षेत्रों- डिजिटल, क्लाउड, इंजीनियरिंग सर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी मूल्यों पर टिके रहकर नई ऊंचाइयां छूएगी और भरोसा जताया कि विप्रो का भविष्य और भी बेहतर होगा।