अमेरिका में कच्चे तेल की कीमतें मंगलवार को निचले स्तर से वापसी कर शून्य से ऊपर पहुंच गईं। इससे पहले तेल का वायदा शून्य से नीचे कारोबार कर रहा था। मई डिलीवरी के लिए यूएस बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमिडिएट (WTI) की कीमत सोमवार को पहली बार शून्य से नीचे गिरी।
एजेंसी की खबर के अनुसार, मंगलवार को मई डिलीवरी के लिए कारोबार की अंतिम तिथि है। ऐसे में सोमवार को बाजार में कच्चा तेल की कीमत शून्य से नीचे 37.63 डॉलर/बैरल पहुंच गई। मई डिलीवरी कच्चा तेल के दाम में गिरावट के लिए तकनीकी कारण बताया जा रहा है, जैसे मई डिलीवरी की तारीख नजदीक है इसलिए उसमें लेनदेन कम हो रहा है।
मांग घटने से गिरी कीमत
कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मांग घटने से कच्चे तेल की कीमत सोमवार को शून्य डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे चली गई क्योंकि कोई व्यापारी फिलहाल कच्चा तेल खरीदकर उसे अपने पास रखने की स्थिति में नहीं है।
वॉल स्ट्रीट में शेयर भी लुढ़के
दोपहर बाद के कारोबार में वॉल स्ट्रीट में शेयर भी लुढ़क गए। एसएंडपी 500 में 0.9 फीसदी की गिरावट आई। लेकिन सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव कच्चे तेल के बाजार में हुआ। जहां मई डिलीवरी अमेरिकी कच्चा तेल की कीमत शून्य से नीचे 3.70 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। दरअसल, मई डिलीवरी के सौदे के लिए मंगलवार अंतिम दिन है और व्यापारियों को भुगतान करके डिलीवरी लेनी थी। लेकिन मांग नहीं होने और कच्चा तेल को रखने की समस्या के कारण कोई डिलीवरी लेना नहीं चाह रहा है। यहां तक कि जिनके पास कच्चा तेल है, वे पेशकश कर रहे हैं कि ग्राहक उनसे कच्चा तेल खरीदे।
साथ ही वे उसे प्रति बैरल 3.70 डॉलर की राशि भी देंगे। (इसी को कच्चे तेल की कीमत शून्य डॉलर/बैरल) से नीचे जाना कहते हैं।)
कोरोना संकट से आई कच्चे तेल की मांग में कमी
कोरोना वायरस संकट के कारण कच्चे तेल की मांग में कमी आई है और तेल की सभी भंडारण सुविधाएं भी अपनी पूर्ण क्षमता पर पहुंच चुकी हैं। इस संदर्भ में एसएंडपी ग्लोबल प्लैट्स के मुख्य विश्लेषक क्रिस एम के अनुसार, तीन सप्ताह के भीतर कच्चे तेल के सभी टैंक भर जाएंगे।
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत भी गिरी
अमेरिकी कच्चा तेल की जून डिलीवरी में भी 14.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, फिलहाल इसकी कीमत 21.32 डॉलर प्रति बैरल है। ब्रेंट कच्चा तेल की कीमत 1.78 डॉलर घट कर 26.30 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है।