एचएसबीसी ने एक रिपोर्ट में कहा है कि राजकोषीय घाटे को सीमित रखने के सरकार के संकल्प पर रिजर्व बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दर में चौथाई फीसदी की कटौती कर सकता है। अमर उजाला ने भी पिछले सप्ताह इस बारे में विस्तार से खबर छापी थी।
वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी एचएसबीसी ने कहा है कि वर्ष 2016-17 के आम बजट में 3.5 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के पूर्व घोषित लक्ष्य का बरकरार रखने का अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के लिए वृद्धि दर को सुरक्षित रखना और राजकोषीय स्थिरता कायम रखना आसान नहीं था। लेकिन इसका प्रयास हुआ है।