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कर्ज सस्ता करने को आरबीआई डालेगा बैंकों में 50 हजार करोड़ की नकदी

Tue, 07 May 2019 08:38 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • अगले महीने डॉलर-रुपया विनिमय और बांड बिक्री से बैंकों में बढ़ाएगा तरलता 
  • 50 हजार करोड़ रुपये की नकदी डाल सकता है आरबीआई बैंकों में 
  • 02 आधार अंकों की गिरावट आई 10 साल के बांड की ब्याज दर में इस फैसले से 
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विस्तार
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 रेपो रेट में लगातार दो बार कटौती करने के बाद उपभोक्ताओं को सस्ता कर्ज दिलाने के लिए आरबीआई बैंकों में और नकदी तरलता बढ़ाने की तैयारी में है। मामले से जुड़े अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि चुनाव बाद डॉलर-रुपया विनिमय और बांड के जरिये बैंकों में 50 हजार करोड़ की अतिरिक्त पूंजी बढ़ाई जा सकती है। 

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आरबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि अगले दो महीने में सिस्टम में तरलता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि ब्याज दरों को नीचे लाया जा सके। रेपो रेट में दो बार कटौती के बावजूद वाणिज्यिक बैंकों की ओर से ग्राहकों तक इसका लाभ नहीं पहुंचाया गया। हमारी कोशिश है कि बैंकों के पास पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे कर्ज की लागत कम कर सकें और उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिले।
 
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आरबीआई की मंशा महंगाई दर व कर्ज की लागत में सामंजस्य बनाने की है, ताकि कर्ज लेने वालों को सहूलियत हो सके। पिछले महीने डॉलर-रुपया विनिमय के जरिये आरबीआई ने दो बार में 70 हजार करोड़ रुपये की नकदी सिस्टम में डाली थी।

सुस्त विकास दर को मिलेगी गति

अधिकारी ने बताया कि सुस्त अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बाजार में पर्याप्त नकदी बढ़ाना जरूरी है। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में विकास दर धीमी होकर 6.6 फीसदी रही, जो पिछली पांच तिमाहियों में सबसे खराब है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि ऊंची ब्याज दर और कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों से जनवरी-मार्च में भी विकास दर सुस्त रहेगी। लिहाजा नकदी की समीक्षा कर बाजार की जरूरतों के हिसाब से प्रवाह बढ़ाया जाएगा।

बांड यील्ड में गिरावट

आरबीआई की ओर से बांड बिक्री के जरिये बैंकों में नकदी तरलता बढ़ाने की खबरों से मंगलवार को 10 साल के बांड यील्ड (ब्याज दर) में गिरावट आई। यह 2 आधार अंक घटकर 7.39 फीसदी पर आ गया। इससे पहले तेल की ऊंची कीमतों के कारण बांड यील्ड 7.43 फीसदी पर था, लेकिन सिस्टम में पूंजी बढ़ाने के लिए बांड बेचने की खबरों का असर पड़ने से यह घट गया।

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