भारतीय रिजर्व बैंक ( आरबीआई ) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंकों के प्रमुखों के साथ मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में चुनौती बरकरार है। इसलिए आर्थिक परिस्थितियां बैंकों के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं। बैंकों को चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इतना ही नहीं, दास ने यह भी कहा कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर में सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर की स्थिति मजबूत हो रही है। बैठक के दौरान स्ट्रेस्ड असेट्स को लेकर चर्चा हुई। मामलों का निपटारा करने के लिए दास ने बैंकों से आपस में बेहतर तालमेल स्थापित करने को कहा।
इससे पहले पांच दिसंबर 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी जीडीपी का अनुमान घटाया था। केंद्रीय बैंक के अनुसार, साल 2019-20 के दौरान जीडीपी में और गिरावट आएगी और यह 6.1 फीसदी से गिरकर पांच फीसदी पर आ सकती है। इससे अर्थव्यवस्था को झटका लगा है।
इससे पहले जारी किए गए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से अर्थव्यवस्था में सुस्ती गहराने के संकेत मिले हैं। जुलाई-सितंबर, 2019 की तिमाही के दौरान भारत की आर्थिक विकास दर घटकर महज 4.5 फीसदी रह गई, जो लगभग साढ़े छह साल का निचला स्तर है। यह लगातार छठी तिमाही है जब जीडीपी में सुस्ती दर्ज की गई है।