मोबाइल वीडियो के जरिये दूरदराज के इलाकों में मौजूद वित्तीय संस्थानों के अधिकारी पैन या आधार कार्ड के अलावा कुछ सवालों से ग्राहक की पहचान करेंगे। प्रक्रिया के तहत एजेंट को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह देश में ही उपस्थित है। इसके लिए उपभोक्ता की जियो लोकेशन को कैप्चर किया जाएगा। हालांकि, वीडियो कॉल संबंधित बैंक के डोमेन से ही किया जाना चाहिए। गूगल ड्यूओ या व्हाट्सएप के जरिये यह प्रक्रिया नहीं होगी। बैंकों को वीडियो केवाईसी प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपनी एप्लिकेशंस और वेबसाइट को लिंक करना होगा।
फैसले से होंगे ये फायदे
- दूरदराज क्षेत्रों के ग्राहकों को केवाईसी के लिए अब बैंक नहीं जाना पड़ेगा।
- दिव्यांगों को भी केवाईसी के लिए बैंक या किसी केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
- वीसीआईपी प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए नए पेशेवरों की जरूरत पड़ सकती है।
- मोबाइल वॉलेट की केवाईसी पर लगने वाले शुल्क से भी ग्राहकों को मुक्ति मिलेगी।
- लोन का आवेदन करने वाले ग्राहकों को भी वीडियो केवाईसी की सुविधा मिलेगी।