श्रम मंत्री के साथ मुलाकात के एक दिन बाद शुक्रवार को 10 केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने सरकार की ‘श्रम विरोधी नीतियों के विरोध’ में आठ जनवरी को आम हड़ताल या ‘भारत बंद’ का एलान किया है। 10 केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘केंद्रीय श्रम मंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने एकजुट होकर आठ जनवरी को आम हड़ताल का फैसला लिया है।’
बैठक के दौरान मंत्री ने संगठनों से कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में हर कदम उठा रही है और श्रम कानून इसी का हिस्सा हैं। इन संगठनों में एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को गुलाम बनाने के लिए श्रम संहिता तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि केद्रीय मंत्री ने बेरोजगारी, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और 14 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के संबंध में कुछ भी नहीं कहा।
इस क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक समेत सभी सरकारी बैंकों में भी आठ जनवरी को हड़ताल रहेगी। रिजर्व बैंक के कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित मांगों के पूरा न होने पर हड़ताल का समर्थन किया है। इस दिन बैंकिंग संबंधी सभी तरह के कामकाज ठप रहेंगे।