वहीं, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को इन बैंकों से एक मार्च से लेकर आठ मई तक 1.18 लाख करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ट्वीट किया कि, 'सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने एक मार्च से आठ मई 2020 के दौरान एमएसएमई, खुदरा, कृषि और कॉरपोरेट क्षेत्र के 46.74 लाख खाताधारकों को 5.85 लाख करोड़ रुपये कर्ज देने को मंजूरी दी। जबकि इस दौरान एनबीएफसी को 1.18 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।'
कार्यशील पूंजी सीमा के आधार पर 10 फीसदी अतिरिक्त ऋण
देश में 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू होने के साथ पीएसबी ने कार्यशील पूंजी सीमा के आधार पर 10 फीसदी अतिरिक्त ऋण सुविधा शुरू की। इसके तहत अधिकतम सीमा 200 करोड़ रुपये तय की गई। एक अन्य ट्वीट में सीतारमण ने कहा कि, '20 मार्च से आठ मई के दौरान पीएसबी ने आपात ऋण सुविधा और बढ़ाई गई कार्यशील पूंजी सीमा के लिए पात्र कर्जदारों में से 97 फीसदी से संपर्क किया और उन्हें 65,879 करोड़ रुपये के कर्ज दिए गए।'
17 मई तक है लॉकडाउन
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सबसे पहले 25 मार्च से 21 दिन के देशव्यापी बंद की घोषणा की। उसके बाद 15 अप्रैल से तीन मई तक दूसरे चरण का लॉकडाउन लगाया गया। तीसरे चरण में चार मई से लॉकडाउन को कुछ छूट के साथ बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है।