नीरव मोदी ने इससे पहले बैंक को पत्र लिखकर कहा था कि घोटाले को उजागर करके उसकी इमेज खराब कर दी है। ऐसी हालत में लोन का पैसा वापस नहीं कर सकेगा। 15/16 फरवरी को लिखी अपनी चिट्ठी के बाद नीरव ने फिर एक ऐसी बात कह दी है जिससे घोटाले का पेंच और उलझ गया है। 11,400 करोड़ रुपये के देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले को अंजाम देने वाला अरबपति ज्वेलरी डिजाइनर नीरव अब सीना जोरी पर उतर आया है।
नीरव का पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन को 15/16 फरवरी को लिखा खत सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि अति उत्साह में इस मामले को सार्वजनिक कर पीएनबी ने बकाया वसूली को चुकाने की उसकी क्षमताओं के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।
17 बैंकों पर पड़ा असर
महाघोटाले से देश की सभी बैंकों को कुल मिला कर 176 अरब रुपये से ज्यादा की चपत लगने की आशंका है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि उसने महाघोटाले के खुलासे के बाद से अब तक नीरव मोदी, मेहुल चोकसी के 105 से अधिक बैंक खाते और 29 प्रॉपर्टी को सील कर दिया है।
इन बैंकों ने दिया लोन
जिन बैंकों ने नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड को लोन दिया उसमें पीएनबी के अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (194 करोड़), देना बैंक (153.25 करोड़), विजया बैंक (150.15 करोड़), बैंक ऑफ इंडिया (127 करोड़), सिंडिकेट बैंक (125 करोड़), ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (120 करोड़), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (110 करोड़) व इलाहाबाद बैंक, आईडीबीआई बैंक 100 करोड़ प्रत्येक शामिल है।
जून 2015 तक दिया 1980 करोड़ का लोन
इन बैंकों ने एक कंशोर्शियम और व्यक्तिगत तौर पर नीरव की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल को जून 2015 तक करीब 1980 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इसके अलावा बैंकों ने 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन दिया था। इसमें से केवल 90 करोड़ रुपये कंपनी ने बैंक को चुका दिया है।