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सर्वे में दावा : 15 फीसदी तक महंगा हो सकता है ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस, भारत में अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा होगी प्रीमियम

Sat, 23 Apr 2022 05:30 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

महामारी से पहले के मुकाबले इलाज की लागत बढ़ गई है। क्लेम की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे बीमा कंपनियों के खर्च में इजाफा हुआ है। कंपनियां अब इसका कुछ बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की तैयारी में हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच समूह स्वास्थ्य बीमा (ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस) का प्रीमियम भी इस साल 15% तक बढ़ सकता है। बढ़ोतरी अन्य एशियाई देशों के मुकाबले भारत में सबसे ज्यादा होगी। मर्सर मार्श बेनेफिट्स (एमएमबी) के सर्वे में कहा गया है कि यह लगातार तीसरा साल होगा, जब प्रीमियम में दहाई अंकों की वृद्धि देखने को मिलेगी। बढ़ोतरी सामान्य महंगाई दर के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है। सर्वे में शामिल 81% एशियाई बीमाकर्ताओं ने कहा, महामारी के कारण 2021 में मेडिकल क्लेम के साथ इलाज खर्च बढ़ा है। स्वास्थ्य बीमा की मांग में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

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कैंसर को लेकर सबसे ज्यादा क्लेम
भारत में असंक्रामक बीमारियों से हर साल करीब 58 लाख लोगों की मौत होती है। इनमें सबसे ज्यादा 55% क्लेम कैंसर के मरीज करते हैं। 43% क्लेम सर्कुलेटरी सिस्टम से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीज करते हैं। क्लेम में कोरोना पीड़ित मरीजों की हिस्सेदारी 36% है।

क्या है समूह स्वास्थ्य बीमा

  • यह किसी कंपनी की ओर से अपने कर्मचारी को दिया जाने वाली सुविधा है, जो कर्मचारी और उसके परिवार के सदस्यों को मेडिकल कवरेज देता है।  
  • प्रीमियम का भुगतान कर्मचारी के वेतन से ही किया जाता है। कर्मचारी को इसका लाभ तब तक मिलता है, जब तक वह कंपनी से जुड़ा रहता है।

महामारी के दौरान कंपनियों के खर्च में इजाफा

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महामारी से पहले के मुकाबले इलाज की लागत बढ़ गई है। क्लेम की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे बीमा कंपनियों के खर्च में इजाफा हुआ है। कंपनियां अब इसका कुछ बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की तैयारी में हैं। - जॉन कोलर, एशिया रिजनल लीडर, एमएमबी

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