भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब कोई भी भारतीय व्यक्ति विदेश में 2.5 लाख डॉलर (1.5 करोड़ रुपए) तक सालाना जमा कर सकता है या विदेश से भारत में ला सकता है।
बैंक ने यह छूट मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव करते हुए लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत दी है। रिजर्व बैंक ने ऐसा विदेशी मुद्रा भंडार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के चलते किया है।
इस जनवरी में पहली बार विदेशी निवेश रेकॉर्ड ऊंचाई 322.135 बिलियन डॉलर (18000 अरब रुपए) पर पहुंचा है। इस नए नियम के तहत रिजर्व बैंक ने यह सीमा पहले की अपेक्षा दोगुनी कर दी है।
रिजर्व बैंक की तरफ से दी गई इस छूट के बाद विदेशों से भारत पैसे भेजना तो आसान हो ही गया है साथ ही विदेश में अपना घर होने का सपना भी साकार हो सकता है।