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खाते में कम पैसे रहने पर बैंक इतना वसूलते हैं जुर्माना, जानिए क्या है मिनिमम बैलेंस का नियम

Thu, 09 May 2019 10:25 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर बैंक ग्राहकों से जुर्माना वसूलते हैं। इस दंड से बचने के लिए आपके बचत खाते में न्यूमतम राशि की अनिवार्यता होनी जरूरी है। अगर आपके बचत खाते में एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) बैंक द्वारा तय की गई राशि से कम होता है तो आपसे ये जुर्माना वसूला जाता है। आइए आपको बताते हैं कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI), एचडीएफसी बैंक (HDFC) और बैंक ऑफ बड़ौदा जुर्माने के तौर पर अपने ग्राहकों से कितने पैसे वसूलते हैं। 

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मिनिमम बैलेंस न होने पर एसबीआई के ग्राहकों पर लगता है इतना जुर्माना

भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। मान लीजिए अगर एसबीआई की ओर से आपके खाते में कम से कम तीन हजार रुपये होना अनिवार्य है, तो मेट्रो शहरों में बैंक के नियमों के अनुसार अगर आपके बचत खाते में 50 फीसदी यानी 1500 रुपये बचे हैं, तो इसपर एसबीआई आपसे 10 रुपये के अतिरिक्त जीएसटी वसूलता है। वहीं अगर आपके खाते में 50 फीसदी से 75 फीसदी तक रकम कम हो जाती है तो बैंक आपसे 12 रुपये के साथ जीएसटी वसूलेगा। ग्रामीण इलाकों में ये जुर्माना क्रमश: पांच रुपये और 7.5 रुपये है।

आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों पर इतना लगता है जुर्माना

अगर आपका खाता आईसीआईसीआई बैंक में है, तो बैंक की ओर से आपके खाते में नॉन मेंटेनेंस ऑफ मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस (NMMAB) होने पर जुर्माना लगाया जाता है। अगर आपका खाता मेट्रो, अर्बन, सेमी-अर्बन या रूरल इलाके में है, तो एनएमएमएबी होने पर बैंक की ओर से 100 रुपये वसूले जाते हैं। इसके अतिरिक्त मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) में जितनी कमी होती है, उसका पांच फीसदी भी बैंक की ओर से वसूला जाता है। वहीं अगर आपका खाता ग्रामीण इलाके में है तो ग्राहकों के मिनिमम एवरेज बैलेंस में जितनी कमी होती है, उसका पांच फीसदी वसूला जाता है। 

एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों पर लगता है इतना जुर्माना

अगर आपका खाता एचडीएफसी बैंक में है और आपके खाते में शून्य या एक हजार रुपये तक की राशि है, तो मेट्रो व अर्बन इलाकों के खाताधारकों से 450 रुपये वसूले जाते हैं। वहीं एक हजार रुपये से 2500 रुपये होने पर बैंक आपसे 270 रुपये वसूलता है। सेमी अर्बन इलाकों की बात करें तो खाते में शून्य से 2500 रुपये तक की राशि होने पर खाताधारकों से 300 रुपये वसूले जाते हैं।  
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बैंक ऑफ बड़ौदा में रखना होगा इतना पैसा

बैंक ऑफ बड़ौदा में देना और विजया बैंक का विलय हो चुका है। अब बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एडवांटेज बचत खाते में मेट्रो शहरों के लिए दो हजार रुपये और छोटे शहरों के लिए एक हजार रुपये की राशि प्रत्येक तिमाही पर रखनी अनिवार्य कर दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक अगर मिनिमम बैलेंस नहीं रख पाता है तो फिर उसको जुर्माना देना होगा। मेट्रो एवं अन्य शहरी इलाकों के खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर 200 रुपये का जुर्माना है। वहीं गैर शहरी इलाकों के लिए जुर्माने की राशि 100 रुपये निर्धारित की गई है।

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