भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। मान लीजिए अगर एसबीआई की ओर से आपके खाते में कम से कम तीन हजार रुपये होना अनिवार्य है, तो मेट्रो शहरों में बैंक के नियमों के अनुसार अगर आपके बचत खाते में 50 फीसदी यानी 1500 रुपये बचे हैं, तो इसपर एसबीआई आपसे 10 रुपये के अतिरिक्त जीएसटी वसूलता है। वहीं अगर आपके खाते में 50 फीसदी से 75 फीसदी तक रकम कम हो जाती है तो बैंक आपसे 12 रुपये के साथ जीएसटी वसूलेगा। ग्रामीण इलाकों में ये जुर्माना क्रमश: पांच रुपये और 7.5 रुपये है।
अगर आपका खाता आईसीआईसीआई बैंक में है, तो बैंक की ओर से आपके खाते में नॉन मेंटेनेंस ऑफ मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस (NMMAB) होने पर जुर्माना लगाया जाता है। अगर आपका खाता मेट्रो, अर्बन, सेमी-अर्बन या रूरल इलाके में है, तो एनएमएमएबी होने पर बैंक की ओर से 100 रुपये वसूले जाते हैं। इसके अतिरिक्त मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) में जितनी कमी होती है, उसका पांच फीसदी भी बैंक की ओर से वसूला जाता है। वहीं अगर आपका खाता ग्रामीण इलाके में है तो ग्राहकों के मिनिमम एवरेज बैलेंस में जितनी कमी होती है, उसका पांच फीसदी वसूला जाता है।
अगर आपका खाता एचडीएफसी बैंक में है और आपके खाते में शून्य या एक हजार रुपये तक की राशि है, तो मेट्रो व अर्बन इलाकों के खाताधारकों से 450 रुपये वसूले जाते हैं। वहीं एक हजार रुपये से 2500 रुपये होने पर बैंक आपसे 270 रुपये वसूलता है। सेमी अर्बन इलाकों की बात करें तो खाते में शून्य से 2500 रुपये तक की राशि होने पर खाताधारकों से 300 रुपये वसूले जाते हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा में देना और विजया बैंक का विलय हो चुका है। अब बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एडवांटेज बचत खाते में मेट्रो शहरों के लिए दो हजार रुपये और छोटे शहरों के लिए एक हजार रुपये की राशि प्रत्येक तिमाही पर रखनी अनिवार्य कर दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्राहक अगर मिनिमम बैलेंस नहीं रख पाता है तो फिर उसको जुर्माना देना होगा। मेट्रो एवं अन्य शहरी इलाकों के खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर 200 रुपये का जुर्माना है। वहीं गैर शहरी इलाकों के लिए जुर्माने की राशि 100 रुपये निर्धारित की गई है।