खत्म होंगे छोटे बैंक
सरकार का प्लान है कि देश में छोटे बैंकों का बड़े बैंकों में विलय कर दिया जाए। इससे बैंकों का एनपीए भी कम होने की उम्मीद है। इन तीन बैंकों के विलय होने के बाद नये बैंक की कुल जमा पूंजी 16.5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। इसमें डिपॉजिट 9.6 लाख करोड़ रुपये और कर्ज 7 लाख करोड़ रुपये शामिल होगा।
देश में यह हैं पांच बड़े बैंक
देश में जो पांच बड़े बैंक हैं उनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। एसबीआई में फिलहाल सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है।
इस विलय के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के पास कुल 9401 बैंक शाखाएं और कुल 13432 एटीएम हो गए हैं। एसबीआई के पास 59,291 एटीएम और 18 हजार से ज्यादा शाखाएं हैं। वहीं आईसीआईसीआई बैंक के पास 4,867 शाखाएं और 14,367 एटीएम हैं।
31 मार्च 2018 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2017-18 तक पंजाब नेशनल बैंक पर 12,283 करोड़, ओबीसी पर 5872 करोड़ रुपये और आंध्रा बैंक पर 3413 करोड़ रुपये का एनपीए था।