रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने दूसरे कार्यकाल को लेकर अटकलों के बीच रेपो रेट बिना बदलाव के 6.50 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 6 फीसदी बरकरार रहने की घोषणा की।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश करते हुए वे पत्रकारों से मुखातिब हुए तब उनसे दूसरे कार्यकाल के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'इस बारे में मेरी ओर से कुछ भी कहना बहुत क्रूर होगा क्योंकि उससे वह मजा किरकिरा हो जाएगा जोकि मीडिया इन दिनों ले रहा है।'
गौरतलब है कि राजन का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है। आज राजन ने मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश करते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। रेपो रेट बिना बदलाव के 6.50 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 6 फीसदी बरकरार रहेगी।
कुछ दिन पूर्व समाचार पत्रों में ऐसी खबर चली थी कि 53 वर्षीय आरबीआई गवर्नर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनका कार्यकाल न बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है और वह अब आरबीआई में न रहकर वापस अमेरिका जाना चाहते हैं। लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार सरकारी सूत्र बताते हैं कि सरकार, राजन को दूसरे कार्यकाल में रखने के मूड में है क्योंकि शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे राजन महंगाई पर काबू पाने और बैंकों में एनपीए को कुछ हद तक कम करने के कारण विदेशी निवेशकों के बीच काफी पोपुलर हैं।
इसी बीच राजन ने देश में ब्याज दर को लेकर कई सत्ताधारी नेताओं से बेरूखी भी सही है। अब राजन के कार्यकाल का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर है और जानकार बताते हैं कि उन्होंने राजन को लेकर अपना पक्ष जाहिर नहीं किया है।
राजन को दूसरी पारी के लिए मिला जबरदस्त ऑनलाइन समर्थन
जनता को पसंद आया आरबीआई गर्वनर का काम
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सटीक बयानों और पेशेवर अंदाज के लिए मशहूर रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को सेवा विस्तार दिए जाने का मुद्दा राजनीतिक और उद्योग जगत की परिधि से निकलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा में छा गया है। इस समय सात ऑनलाइन अपीलें राजन को सेवा विस्तार दिए जाने के समर्थन में हैं, जबकि कम से कम दो अपीलें उनको दूसरा कार्यकाल दिए जाने के विरोध में चल रही हैं। हालांकि, विरोध वाली अपीलों को अभी ज्यादा समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है, लेकिन समर्थन वाली अपीलों को करीब 60,000 हस्ताक्षर मिल चुके हैं।
रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में राजन का तीन साल का कार्यकाल सितंबर में पूरा होगा। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में एक तबका उनका कार्यकाल बढ़ाए जाने के खिलाफ खुलकर सामने आया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके समर्थन में बताये जाते हैं। भाजपा नेता तथा राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने तो राजन को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है लेकिन सरकार ने अब तक अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है।
राजनीतिक गलियारे तथा उद्योग जगत में जारी चर्चा के बीच अब ऑनलाइन खंड में भी इसको लेकर बहस गर्म है। बहुत से लोग राजन का दूसरा कार्यकाल चाहते हैं। ऑनलाइन अपील प्लेटफॉर्म चेंज.ओआरजी पर करीब 60,000 लोगों ने इस अपील पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजन को दूसरा कार्यकाल दिए जाने का अनुरोध किया गया है। एक महीने के भीतर इस तरह की कम से कम सात अपीलें जारी की गई हैं।
कहा जाता है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में अस्थिरता के बीच भारतीय मुद्रा रुपया को ढहने से बचाया। यही नहीं महंगाई दर में काबू पाकर आम आदमी को राहत देने की कोशिश की। इससे पहले आमतौर पर रिजर्व बैंक कॉरपोरेट जगत के दबाव में आकर ब्याज दरों में कटौती कर दिया करता था लेकिन राजन ने रिजर्व बैंक के कामकाज को प्रोफेशनल अंदाज दिया और ब्याज दरों में कटौती तार्किक रूप से की न कि किसी के दबाव में।