बैंकों द्वारा बड़े डिफॉल्टर्स को बचाने और छोटे बचत खाताधारकों का ध्यान न रखने के लिए एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने नाखुशी जताई है। पारेख ने कहा है कि यह बहुत गलत है कि बैंक बड़े डिफॉल्टर्स का लोन माफ करने में तो आगे हैं, लेकिन छोटे खाताधारकों को हो रही परेशानियों पर किसी की नजर नहीं आती है।
पीएमसी बैंक में हुए घोटाले के बाद छोटे खाताधारकों को हो रही परेशानी के बाद पारेख ने कहा कि, 'मेरे विचार में यह सबसे बड़ा अपराध वित्तीय क्षेत्र में होगा, जब छोटे लोगों की जमा राशि का इस तरह से गलत फायदा बड़े लोगों को बैंकों द्वारा दे दिया जाता है। फिर लोन के डिफॉल्ट होने के बाद सरकार और सिस्टम इस तरह के घोटाले के बाद कर्ज को माफ कर देना पूरी तरह से गलत है।
पारेख ने आगे कहा कि किसी भी वित्तीय सिस्टम के लिए भरोसा और विश्वास रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। इसके लिए किसी भी तरह से गलत मूल्यों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। लेकिन ये ही आजकल हो रहा है।
बचत करना जरूरी
पारेख ने आगे कहा कि बचत करना जरूरी है और लोगों को इसे बढ़ावा देना चाहिए। यह अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा है। लेकिन ब्याज दर में कमी इस दिशा में बाधक है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सेक्टर में अब भी क्रेडिट संकट बना हुआ है।
उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में भारत को खड़ा करने के लिए खुद में सुधार, वित्तीय क्षेत्र में सुधारों की दिशा में काम करना, नीतियों को सक्षम बनाना, सच्चे और निष्पक्ष उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और स्थिर कानून बनाने की बात कही है। पीएमसी बैंक घोटाले की वजह से उसके हजारों ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आरबीआई ने ग्राहकों को 25,000 रुपये से अधिक रुपये की निकासी पर रोक लगा दी है।