निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक अगले छह महीने के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा कर्ज उपलब्ध कराने के लिये 1,000 स्थानों पर ‘लोन मेले’ का आयोजन करेगा। बैंक अपने खुदरा ऋण कारोबार का विस्तार करने के लिये इन मेलों का आयोजन करेगा।
इस संदर्भ में बैंक ने एक बयान में कहा कि यह मेले देश के 300 जिलों के करीब 6,000 गांव में लगाये जायेंगे। बयान के अनुसार यह सभी पारंपरिक ग्रामीण मेलों की तरह होंगे जहां पांच-छह गांव के लोगों को एक ही स्थान पर सभी बैंकिंग उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे।
ग्राहक ट्रैक्टर, वाहन, दुपहिया वाहन और कृषि के लिए ऋण और चालू या बचत खाते खोल सकते हैं। इसके अलावा इन मेलों में स्वयं सहायता समूह भी बैंक की ‘सतत आजीविका पहल’ के तहत ऋण ले सकते हैं।
इससे पहले अर्थव्यवस्था और विशेषतौर पर गैर- बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) में नकदी की तंगी को लेकर बढ़ती चिंता के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि आने वाले दिनों में देशभर में 400 जिलों में बैंकों, एनबीएफसी और खुदरा कर्ज लेने वालों की आमने सामने खुली बैठकें होंगी, जिनमें एनबीएफसी को बैंकों से खुले तौर पर नकदी उपलब्ध कराई जायेगी और वह उसे खुदरा कर्ज लेनदारों को वितरित करेंगे।
इस तरह की बैठकें तीन अक्तूबर से शुरू होंगी। इनका मकसद मकान खरीदारों और किसानों समेत कर्ज चाहने वालों को ऋण सुलभ कराना है। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों ( MSME ) भी इन बैठकों में कर्ज सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।