निजी क्षेत्र में देश के सबसे बड़े बैंक--एचडीएफसी का मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 20.3 फीसदी बढ़कर 5,585.9 करोड़ रुपये रहा। बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पिछले साल की इसी अवधि में उसने 4,642.6 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था। इस साल अक्टूबर-दिसंबर के बीच उसकी कुल आय बढ़कर 30,811.27 करोड़ रुपये हो गयी। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 24,450.44 करोड़ रुपये रहा।
बयान में कहा गया है कि 31 दिसंबर, 2018 को समाप्त तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (ब्याज की प्राप्ति और ब्याज पर खर्च के बीच का अंतर) 21.9 प्रतिशत बढ़कर 12,576.8 करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 10,314.3 करोड़ रुपये रहा था।
यह वृद्धि ऋृण कारोबार में 23.7 प्रतिशत की तेजी का नतीजा है। इस दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.3 फीसदी रही। अक्टूबर-दिसंबर, 2018 के दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) भी पिछले साले की इसी अवधि के 1.29 फीसदी से बढ़कर 1.38 फीसदी हो गयीं।
हालांकि बैंक का शुद्ध एनपीए आलोच्य अवधि के दौरान 0.42 फीसदी रही। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 0.44 फीसदी पर था। बैंक की कुल बैलेंस-शीट सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़ कर 11,68,556 करोड़ रुपये रही जबकि 31 दिसंबर 2017 को इसी सम्पत्तियों और देनदारियों का लेखा जोखा 9,49,079 करोड़ रुपये का था।
बैंक की कुल जमा इसी दौरान 22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,52,502 करोड़ रुपये और बाजार में बकाया कर्ज 24 फीसदी की वृद्धि के साथ 7,80,951 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।