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बैंकों के प्रदर्शन का आकलन शुरू, दिसंबर से दिए जाएंगे 50 हजार करोड़

Wed, 21 Nov 2018 10:45 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सरकार ने बैंकों में 50 हजार करोड़ की पूंजी डालने की तैयारी शुरू कर दी है। फंसे हुए कर्ज की मार झेल रहे बैंकों के प्रदर्शन का आकलन वित्त मंत्रालय कर रहा है, जो दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को राहत मुहैया कराने के लिए उनका पूंजीकरण किया जाएगा। मंत्रालय द्वारा बैंकों के पिछली तिमाही के नतीजों का आकलन किया जा रहा है। 

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नई पूंजी मिलने से इन बैंकों को खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को और अधिक कर्ज सहायता देने में मदद मिलेगी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को गति देने के लिए एक घंटे से भी कम समय में एक करोड़ रुपये तक कर्ज, श्रम एवं पर्यावरण कानून में छूट जैसे उपायों की घोषणा की। मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि बैंकों के दूसरी तिमाही के नतीजे के आकलन के बाद मंत्रालय उनके साथ बातचीत शुरू करेगा। 

पांच बैंकों को पहले ही मिल चुके हैं 11,336 करोड़  

मंत्रालय ने इस वर्ष की शुरूआत में 11,336 करोड़ रुपये की पूंजी सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों में डाली थी। नीरव मोदी द्वारा की गई धोखाधड़ी से प्रभावित पंजाब नेशनल बैंक को सर्वाधिक 2,816 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इलाहाबाद बैंक को 1,790 करोड़ रुपये, आंध्रा बैंक को 2,019 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक को 2,157 करोड़ रुपये तथा कारपोरेशन बैंक को 2,555 करोड़ रुपये मिले थे।
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यह पूंजीकरण दो वर्ष के दौरान सरकारी बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डालने के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे अभी 65,000 करोड़ रुपये की पूंजी और उपलब्ध कराई जानी है। याद रहे कि सरकार ने पिछले वर्ष अक्तूबर में बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये डाले जाने की घोषणा की थी। 

मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इस माह के अंत तक या दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूंजीकरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसमें प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) फ्रेमवर्क में डाले गए बैंकों के अलावा भी बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पूंजी मुहैया कराई जा सकती है। इसके अलावा बैंकों के विलय के मद्देनजर कुछेक बैंकों का अधिक पूंजीकरण किया जाएगा।  

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