आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि आरबीआई ने हस्तक्षेप द्वारा मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव पर लगाम लगाई है। वह चीन में तेजी से छा रही मंदी को वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से सार्क देशों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम मानते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के पास बाहरी झटकों से निपटने के लिए चार सूत्री सुरक्षा-अच्छी नीतियां, विवेकपूर्ण पूंजी प्रवाह प्रबंधन और स्वैप अरेंजमेंट्स, विदेशी द्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकना एवं पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार का निर्माण मौजूद हैं। अच्छी नीति हमारी स्थिरता के लिए आवश्यक है।
सार्क फाइनेंस गवर्नर्स संगोष्ठी में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि सार्क देशों के साथ भारत की सार्क स्वैप अरेंजमेंट्स लघु अवधि विदेशी मुद्रा जरूरतों को कम करने के लिए बनाई गई थी और आशा के अनुरूप यह मददगार रही। सार्क फाइनेंस, सार्क देशों के केंद्रीय बैंक गवर्नरों और वित्त सचिवों का एक नेटवर्क है। राजन ने कहा कि पिछले साल से चीन के आयातों में तेजी से कमी आई है।