क्यूआर कोड आधारित भुगतान सेवा BHIM यूपीआई का बुधवार को पहली बार वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन किया गया। सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल में इसके माध्यम से एक मर्चेंट टर्मिनल पर इसका प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन 15 नवंबर तक महोत्सव के साथ जारी रहेगा।
उच्चायोग ने कहा कि फरवरी, 2020 तक सभी रूपे कार्ड (घरेलू सहित) सिंगापुर में स्वीकार किए जाएंगे। यह वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत और सिंगापुर के बीच सहयोग की एक और उपलब्धि है। इससे पहले यहां रूपे इंटरनेशनल कार्ड जारी किया गया था। इससे पहले अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के बाजार में रुपे कार्ड की पेशकश की थी। संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया का पहला देश बन गया था जिसने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की भारतीय प्रणाली को अपनाया। भारत इससे पहले सिंगापुर और भूटान में रुपे कार्ड के चलने को शुरू कर चुका था।
तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया था कि, 'भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं को एक दूसरे के और नजदीक लाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में यूएई में आधिकारिक तौर पर रुपे कार्ड को पेश किया गया। खाड़ी देशों में यूएई पहला देश है जिसने भारतीय रुपे कार्ड को अपनाया है। यूएई की कई कंपनियों ने रुपे भुगतान को स्वीकार करने की बात की है।'
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके जरिए स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है।