Bank Credit (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 18 जून 2021 को समाप्त हुए पखवाड़े में बैंक ऋण 5.82 फीसदी की वृद्धि के साथ 108.42 लाख करोड़ हो गया जबकि जमा धन 10.32 फीसदी की वृद्धि के साथ 152.99 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक की 18 जून 2021 को भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक एक साल पहले 19 जून 2020 को समाप्त हुए पखवाड़े में बैंक अग्रिम राशि 102.46 लाख करोड़ रुपये जबकि जमा धन 138.67 लाख करोड़ रुपये था।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में बैंक के ऋण में 5.56 फीसदी की वृद्धि
इससे पहले चार जून 2021 को समाप्त हुए पखवाड़े में बैंक ऋण में 5.74 फीसदी की वृद्धि हुई थी जबकि जमा धान के लिहाज से वृद्धि 9.73 फीसदी थी। वित्तीय वर्ष 2020-21 में बैंक के ऋण में 5.56 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि जमा धन में 11.4 फीसदी का उछाल आया।
मई में 51 फीसदी घटा भारतीय कंपनियों का विदेशी ऋण
मालूम हो कि भारतीय कंपनियों का विदेशी ऋण इस साल मई में 51 फीसदी घटकर 73.84 करोड़ डॉलर रह गया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। कोविड-19 की दूसरी लहर बीच भारतीय कंपनियों के विदेशी कर्ज में बड़ी गिरावट आई है। भारतीय कंपनियों ने मई, 2020 में बाह्य वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) से 1.49 अरब डॉलर जुटाए थे। वहीं, मई 2021 में जुटाया गया पूरा कोष स्वत: मंजूरी प्राप्त मार्ग से था।
इसके अलावा मई में एक भी कंपनी ने रुपये में जारी बांड या मसाला बांड से विदेशी बाजारों से धन नहीं जुटाया। कुछ यही स्थिति एक साल पहले इसी महीने में रही थी।
माह के दौरान बीडब्ल्यू ग्लोबल यूनाइटेड एलपीजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने पूंजीगत सामान के आयात के लिए 19.84 करोड़ डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाया। रिन्यू सनवेव्स ने नई परियोजनाओं के लिए 14 करोड़ डॉलर और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने कार्यशील पूंजी जरूरत को पूरा करने के लिए 10 करोड़ डॉलर जुटाए।
आंकड़ों के अनुसार टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड ने पूंजीगत सामान आयात के लिए 11.04 करोड़ डॉलर विदेशी बाजारों से जुटाए।