पहले आईपीओ के बेहद कमजोर शुरुआत के बाद नए साल में भी पेटीएम के शेयर निराशाजनक प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को जैसे ही यह खबर मिली कि दिसंबर में कंपनी के एंकर इनवेस्टर्स पेटीएम में अपने शेयर बेचना शुरू कर दिए हैं और एचडीएफसी ने काफी शेयर बेच दिए हैं, तो पेटीएम के शेयर लुढ़क कर सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गए।
पेटीएम ब्रांड की मालिक कंपनी 'वन 97 कम्युनिकेशंस' के शेयर में सोमवार को 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और सत्र के दौरान दाम घटकर सर्वकालिक निचले स्तर 1151 रुपये पर आ गए। हालांकि बंद होते वक्त थोड़ा सुधार आया और बंद भाव 1157.90 रुपये रहे। पेटीएम के आईपीओ के चार म्युचुअल फंड एंकर इनवेस्टर्स थे। इनमें से एक एचडीएफसी म्युचुअल फंड है। उसने दिसंबर 2021 में पेटीएम के शेयर बड़े पैमाने पर बेचे हैं।
पेटीएम के शेयर में सोमवार को छह फीसदी की गिरावट आई। 31 दिसंबर 2021 के बाद से इसके शेयर करीब 13 फीसदी गिर चुके हैं। 17 नवंबर, 2021 तक कंपनी में म्युचुअल फंड की 0.81 फीसदी हिस्सेदारी थी। कंपनी में एचडीएफसी म्यूचुअल फंड द्वारा होल्डिंग में कमी के खुलासे से पेटीएम के शेयर तेजी से लुढ़क गए। फंड मैनेजरों का आकलन है कि पेटीएम के शेयर लगातार दबाव में रह सकते हैं।
मैक्वायर ने घटाई रेटिंग, दाम और गिरने का अनुमान
पेटीएम के शेयरों को बेचने की खबरों पर एचडीएफ म्युचुअल फंड ने टिप्पणी से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना है कि वह किसी खास शेयर में निवेश के निर्णय को सार्वजनिक नहीं कर सकती।उधर, रेटिंग एजेंसी मैक्वायर ने पेटीएम की रेटिंग कमजोर बताते हुए शेयर के दाम 1200 रुपये से घटाकर 900 रुपये तक रहने का अनुमान जताया है।
पेटीएम से ऋणों में उछाल
उधर, पेटीएम का कहना है कि उसके कारोबार में इजाफा हो रहा है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसके द्वारा कर्ज वितरण में 401 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस तिमाही में कंपनी ने पेटीएम प्लेटफॉर्म के जरिए 2180 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। उसके कर्ज उत्पादों में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है।