कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि कृषि क्षेत्र में 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चार फीसदी से अधिक विकास दर हासिल करने की पूरी उम्मीद है। पवार ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वह तिलहन पर भारत के बढ़ते आयात की निर्भरता को कम करने के दिशा में काम करें।
कृषि क्षेत्र पर अल नीनो के मंडराते खतरे के मद्देनजर कृषि मंत्री पवार ने कहा कि सरकार सभी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। अल नीनो के खतरे को देखते हुए एक आपातकालीन योजना भी तैयार की गई है। इसके तहत देशभर के 500 जिलों को सतर्क रहने को कहा गया है।
कृषि मंत्री पवार ने कृषि मेले के दौरान बुधवार को कहा कि हम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अल नीनो मानसून को कितना प्रभावित करेगा, इस पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी। पवार के अनुसार उन्होंने मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की है।
अधिकारियों ने कहा है कि मानसून के बारे में वह अप्रैल के दूसरे हफ्ते में अनुमान जारी करेंगे। भारत में इससे पहले साल 2009 में अल नीनो का असर हुआ था। जिस कारण उस साल पिछले चार दशक का सबसे भीषण सूखा पड़ा था।