दूरसंचार क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि एजीआर भुगतान मामले में दूरसंचार कंपनियां चूक करती हैं, तो इसका असर बैंक और राजकोषीय घाटे पर भी होगा। करीब 13 हजार कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली वोडा आइडिया पर 27.17 हजार करोड़ रुपये का बैंक कर्ज लदा है।
ऐसे में कंपनी डूबती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर होगा, जो पहले ही 11 साल में सबसे सुस्त रफ्तार से चल रही है। सलाहकार फर्म मोतीलाल ओसवाल के शोध विश्लेषक अलीअसगर शाकिर ने कहा, इस बड़े डिफॉल्ट से भारत का राजकोषीय घाटा 0.40 फीसदी बढ़ जाएगा, जो सरकारी खजाने को 1 लाख करोड़ रुपये चपत लगाएगा। इसका असर बैंकिंग क्षेत्र पर भी होगा, जो पहले से ही 10 लाख करोड़ से ज्यादा के एनपीए से जूझ रहा है।