कोविड-19 संकट के कारण भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को चालू वित्त वर्ष में करीब 76 लाख करोड़ रुपये (एक ट्रिलियन डॉलर) का नुकसान हो सकता है। 2019-20 के मुकाबले चालू वित्त वर्ष में मकानों की बिक्री भी प्रभावित होगी। केपीएमजी ने मंगलवार को अपनी नई रिपोर्ट ‘कोविड-19: रिएक्ट, एडॉप्ट एंड रिकवर-द न्यू रियल्टी’ में कहा, 250 से अधिक उद्योगों के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान करने वाले रियल एस्टेट क्षेत्र कोरोना महामारी से अस्थायी और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होगा।
केपीएमजी इंडिया के पार्टनर एवं प्रमुख (बिल्डिंग, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट) चिंतन पटेल ने कहा, मौजूदा वित्तीय संकट ने निवेश माहौल को अस्थिर कर दिया है। हालांकि, लॉकडाउन में ढील से आने वाले 18 से 24 महीनों में रियल एस्टेट क्षेत्र का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक दिखने लगेगा।
क्षेत्र के कुछ खास सेगमेंट में नए अवसर आएंगे। हालांकि, कर्ज संकट के कारण मकानों की बिक्री में घटेगी। देश के सात प्रमुख शहरों में यह बिक्री 2019-20 के 4 लाख इकाई से घटकर 2020-21 में 2.8-3 लाख इकाई रह जाएगी।